हर रोज नौ से 11 बजे तक चल रही रामलीला की रिहर्सल

संवाद सहयोगी, बसोहली : देश में प्रथम स्थान पाने वाली बसोहली रामलीला की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। रामलीला के मंचन को लेकर हर रोज बैठक की जा रही है और हर रोज नए कलाकारों को मंचन के तरीके उनके द्वारा की जाने वाले दृश्यों को बारीकी से समझाया जा रहा है। रात के 9 बजते ही नए एवं पुराने कलाकार रामलीला की रिहर्सल में जुट जाते हैं। तबला, हरमोनियम पर गीत किस प्रकार से गाना है। एक्टिंग किस प्रकार से करनी है, इसके बारे में सिखाया जा रहा है। प्रधान चंद्रशेखर ने बताया कि बसोहली रामलीला 10 साल से भी पुरानी होने के कारण इसका अलग ही मजा है। बिना परदे की रामलीला, जिसे खुले असमान के नीचे करवाया जाता है, इसे और सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए रामलीला क्लब अपनी ओर से तैयार हो रही है ताकि इसका प्रथम स्थान भारत में बना रहे। स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है पुराने कलाकार नए कलाकारों को सिखा रहे हैं ताकि मंचन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।

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