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घर-घर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, मंदिरों में नहीं दिखी रौनक

घर-घर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, मंदिरों में नहीं दिखी रौनक
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 12:26 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, कठुआ: कोरोना महामारी के बीच भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव घर-घर में पूरी धार्मिक श्रद्धा से मनाया गया। इस दौरान मंदिरों में रौनक नहीं दिखी। मंदिरों में पुजारियों ने बिना श्रद्धालुओं के ही कान्हा का जन्मोत्सव मनाया, जबकि घरों में परिवार के सदस्यों ने मिलकर कान्हा का जन्मोत्सव मनाया। घरों में ही सजाए पालने में बाल रूपी कान्हां को झुलाया।

कुछ मंदिरों में बीती मंगलवार रात ही जन्माष्टमी पर कार्यक्रम आयोजित हुए, लेकिन अधिकांश मंदिरों में बुधवार को भी जन्मोत्सव मनाया गया। शहर के वार्ड-सात में श्री कृष्ण गीता ज्ञान मंदिर, वार्ड एक में श्री हनुमान साधना मंदिर, प्राचीन बावली स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर, वार्ड दो, वार्ड तीन समेत शहर के सभी मंदिरों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया।

भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के लिए सभी में उत्साह दिखा। सबसे ज्यादा उत्साह नन्हें बच्चों में रहा। बच्चें अपने घरों में ही कान्हा एवं राधा के वेश में सजधजकर अपनी तस्वीरें मीडिया को साझा करते रहे। श्री मंदिरों में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बिना भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में जिले के चारों ओर उल्लास भरा माहौल रहा। जंगलोट में हर साल की तरह इस बार भी श्री कृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में गांव में झांकी निकाली गई। झांकी में कान्हा को बाल रूप में रखा गया था।

ग्रामीण जिस गली से झांकी गुजर रही थी, लोग दर्शन कर गदगद हो रहे थे। इस बीच जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी की जयघोष से पूरा गांव गूंज रहा था। रात को दुल्हन की तरह सजे मंदिरों में कान्हा को सुंदर सजे पालने में रखकर झुलाया गया। जिसमें प्रत्येक श्रद्धालु खुद अपने हाथ की पालने की डोरी को खींच कर कान्हा के प्रति दुलार जताने में उत्साहित दिखा।

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