.. अब कठुआ पुलिस युवाओं को सब इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए देगी प्रशिक्षण

प्रदेश सेवा चयन बोर्ड द्वारा 820 सब इंस्पेक्टर की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा के बा

JagranMon, 21 Jun 2021 05:16 AM (IST)
.. अब कठुआ पुलिस युवाओं को सब इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए देगी प्रशिक्षण

प्रदेश सेवा चयन बोर्ड द्वारा 820 सब इंस्पेक्टर की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा के बाद कठुआ जिला पुलिस उक्त पदों के इच्छुक उम्मीदवारों को तैयार करने के लिए अपने स्तर पर निश्शुल्क प्रशिक्षण देगी। कठुआ पुलिस द्वारा इस तरह का प्रयास पहली बार किया जा रहा है, जिसमें भर्ती के लिए आवदेन करने वाले युवाओं को इस तरह की सुविधा देगी, ताकि भर्ती के लिए फिजिकल एवं लिखित परीक्षा पास करने में आ रही मुश्किलों को आसान बनाया जा सके। इसके लिए बकायदा पुलिस मुख्यालय से एसएसपी ने सभी इच्छुक उम्मीदवारों को प्रशिक्षण हासिल करने के लिए आवेदन फार्म भी जारी कर दिया है, जिसे खुद युवा भर कर भर्ती का प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। सबसे अहम यह है कि सारी प्रक्रिया जिला पुलिस द्वारा निश्शुल्क कराई जाएगी। पुलिस का पहला प्रयास अब आगे भी जारी रहेगा, जिसमें जम्मू कश्मीर पुलिस के अलावा किसी भी बल में सिपाही की भर्ती के लिए भी प्रशिक्षण देगी, इसके लिए जिला पुलिस ने पूरी तैयारियां की हैं। हालांकि, अभी भी कोविड-19 का प्रकोप जारी है। भले ही कम हो रहा है, लेकिन इन सब परिस्थितियों के बीच पुलिस प्रमुख द्वारा किस तरह से पढ़े लिखे युवाओं को सरकार की रोजगार नीति को बढ़ावा देने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं, इन सब मुद्दों पर दैनिक जागरण के संवाददाता राकेश शर्मा ने जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) रमेश चंद्र कोतवाल से विशेष बातचीत की, उनसे हुई बातचीत के अंश-

. पुलिस विभाग द्वारा युवाओं को प्रशिक्षण देने का विचार कहां से आया?

-पुलिस विभाग सिर्फ जन सुरक्षा या अपराध से ही निपटने का कार्य नहीं करता है, बल्कि जन सेवा व किसी भी आपदा जैसे समय में भी अपनी सेवाएं देने में पीछे नहीं रहा है, जैसे अब कोरोना महामारी चल रही है, पुलिस ने दिन रात काम किया जो कि उनकी रूटीन ड्यूटी प्रक्रिया से बिल्कुल हटकर था, ऐसे ही पुलिस का दूसरा चेहरा मानवता के लिए काम करने से भी देखा जा सकता है, चाहे जन सेवा हो या उसके कल्याण के लिए, इसके लिए पुलिस सिविक कार्यक्रम भी चलाती है, ऐसे में जब युवाओं के कल्याण, उनके भविष्य या रोजगार से जुड़ी बात आए तो पुलिस उनकी सहायता करने में पीछे क्यों रहे। प्रदेश में सरकार की युवाओं को रोजगार देने की नीतियों से जुड़े भर्ती आदि के कार्यक्रम चल रहे हैं तो पुलिस ने भी इसमें खुद प्रयास करने का फैसला लिया, जिला कठुआ में इस तरह का प्रयास पहली बार किया जा रहा है, उम्मीद है कि युवाओं को इसका लाभ मिलेगा और उनके द्वारा शुरू किए जा रहे प्रयास में बढ़चढ़ कर भाग लेंगे। . युवाओं को प्रशिक्षण देने के प्रबंध किस तरह के किए गए हैं?

- सबसे बड़ी सुविधा प्रशिक्षण निश्शुल्क होगा और सिर्फ जिला मुख्यालय पर ही नहीं, बल्कि हीरानगर, बसोहली और बिलावर में प्रशिक्षण सेंटर बनाए गए हैं, जहां पर कम से कम 1600 मीटर दौड़ और फिजिकल टेस्ट कराए जाएंगे। इसके अलावा लिखित परीक्षा भी कराई जाएगी, ताकि भर्ती प्रक्रिया में युवा सभी तरह के टेस्ट पास करने के सक्षम बन सके। भर्ती के लिए प्रशिक्षण लेने के इच्छुक युवाओं को आवेदन फार्म करने होंगे, जिसे जारी कर दिया गया है।

. प्रशिक्षण देने के लिए किसकी सेवाएं ली जाएंगी?

- इस भर्ती के लिए युवाओं का ग्रेजूऐट होना जरूरी है, उम्र 28 साल से कम होनी चाहिए। भर्ती में प्रशिक्षण देने के लिए पूर्व सैनिकों की सेवाएं भी ली जाएंगी, ताकि प्रशिक्षण देने वाला हर तरह के टेस्ट लेने का जानकार होने के साथ खुद भी प्रशिक्षित हो। हालांकि, अभी जारी कोरोना के चलते यह भी सुनिश्चित बनाया जाएगा कि एसओपी की पालन भी पूरी तरह से हो और प्रशिक्षण गतिविधि भी जारी रहे।

. देखा गया कि कोरोना महामारी में पुलिस की रूटीन ड्यूटी प्रक्रिया में बदलाव आया है, क्या आप भी देखते है?

- पुलिस हर तरह की परिस्थिति में ड्यूटी निभाना जानती है, कब कहां किसी भी तरह की आपदा में उन्हें काम करना है, इन सब तरह का प्रशिक्षण पहले भी होता है, ऐसे में कोरोना काल में ड्यूटी नेचर में बदलाव कोई बड़ा नहीं है, लेकिन थोड़ा बहुत जरूर आया है। इसमें रोज सुबह अब आम जनता से सीधे जुड़ना पड़ता है। उन्हें एसओपी की पालना करने के लिए जागरूक करना और जो नहीं करता है, उसे प्रावधान के तहत दंड भी देना होता है, जो अन्य रूटीन के क्राइम से थोड़ा हटकर और उसमें धाराएं अभी जिला आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत लगती है। सरकार द्वारा कोविड-19 के प्रोटोकाल की पालन हो, इसे सुनिश्चत कराना पुलिस का ही मुख्य काम रहता है। कोरोना काल में इस वर्ष जिला पुलिस द्वारा एसओपी की उल्लंघन करने पर 500 से ज्यादा लोगों को चालान किए गए और 5.90 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया, 30 एफआईआर दर्ज की गई है। इस दौरान 2021 में उनके 40 जवान संक्रमित भी हुए। अब सब ठीक हैं, लेकिन दो को जान भी गंवानी पड़ी है।

. कोरोना के दौरान लाकडाउन के बीच सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहने से रूटीन के क्राइम ग्राफ में कमी आई होगी?

- ऐसा नहीं है, हाईवे तो लाकडाउन में भी खुला रहा है। हाईवे पर पुलिस की कोरोना काल में कई तरह की ड्यूटियां बढ़ गई, जिसके चलते क्राइम तो होते रहें हैं, पशु तस्करी, अवैध शराब, मादक पदार्थ सहित अन्य नेचर के क्राइम जारी रहे, लेकिन ओवरआल जैसे दुर्घटनाओं के आदि के मामले में जरूर कुछ कमी आई है।

. भारत-पाक सीमा पर अकारण गोलीबारी बंद होने से कुछ माह से शांति है, क्या अब भी पुलिस वहां पहले जैसे सर्तक है?

- जिले की सीमाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, जिससे किसी भी तरह की सुरक्षा के मामले में किसी भी समय और कैसे भी बने माहौल में ढील नहीं बरती जा सकती है। यह देश की सुरक्षा से जुड़ा अतिसंवेदनशील मामला है। कठुआ जिला की सीमा भी अतिसंवेदनशील क्षेत्र में पड़ती है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.