बैसाखी मेले को लगा कोरोना का ग्रहण, पसरा रहा सन्नाटा

बैसाखी मेले को लगा कोरोना का ग्रहण, पसरा रहा सन्नाटा

करुण शर्मा बिलावर कोरोना महामारी का असर बिलावर के ऐतिहासिक बैसाखी मेले पर दूसरे साल भी पड़

JagranWed, 14 Apr 2021 12:17 AM (IST)

करुण शर्मा, बिलावर : कोरोना महामारी का असर बिलावर के ऐतिहासिक बैसाखी मेले पर दूसरे साल भी पड़ गया, जबकि पहले 15 दिनों तक लोगो की भीड़ से मेला पूरे यौवन पर रहता था। इस साल भी महामारी के चलते मंगलवार को बिलकेश्वर मंदिर के प्रागण में बैसाखी मेला स्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ रहा।

कोराना महामारी के चलते एक भी व्यक्ति मेला स्थल पर दुकान लगाने के लिए नहीं पहुंचा। मेला हजारों साल पहले पाडवों द्वारा भगवान बिलकेश्वर मंदिर के निर्माण के दौरान शुरू किया गया था। युगों से निरंतर बिलावर के शिव मंदिर प्रागण में लगता आ रहा था। ऐतिहासिक मेला स्थल भी कोरोना के ग्रहण से बच नहीं पाया। बड़े बुजुर्गो का कहना है कि उनकी जिंदगी में यह पहला मौका है जब बिलावर में ऐतिहासिक बैसाखी मेला शिव मंदिर प्रागण में शुरू ही नहीं हो पाया। यह दुर्भाग्य ही है कि ऐतिहासिक मेले को जिसे युवाओं से राजा महाराजाओं के बाद बिलावर की जनता हमेशा साल दर साल बैसाखी पर बड़ी शान ओ शौकत और हर्षोल्लास से आयोजित करती थी, लेकिन आज कोरोना वायरस के चलते म्यूनिसिपल कमेटी बिलावर द्वारा इस साल भी बैसाखी मेला आयोजित नहीं करने का फैसला लिया गया।

मंगलवार को जहा बैसाखी मेले के चलते बिलावर के शिव मंदिर प्रागण में लोगों का जनसैलाब उमड़ना था, वहा शिव मंदिर प्रागण में दिनभर सन्नाटा फैला रहा। लोगों का कहना है कि कोरोना के डर के चलते अब ऐतिहासिक मेलों को भी प्रभावित होने लगा है। सदियों से चले आ रहे मेलों को भी नहीं बख्शा। मानो मेले पर भी कोरोना का ग्रहण लग गया है। कोट्स----

यह पहला मौका है जब बिलावर का ऐतिहासिक बैसाखी मेला नहीं लगा। जिंदगी के 61 बसंत देख चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि इस बिलावर का ऐतिहासिक बैसाखी मेला इस कोराना के कहर का शिकार बन गया।

- सुनील रियोथिया कोट्स---

बैसाखी मेले के साथ ही बिलावर में पूरे 15 दिन तक शिव मंदिर प्रागण में चहल-पहल रहती थी, लेकिन आज माहौल यह है कि मरघट जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है। एक इंसान तक देखना मुश्किल हो गया है।

- बिशन सिंह। कोट्स

यह पहला मौका है जब बिलावर का ऐतिहासिक बैसाखी मेला नहीं लग पाया। इसके पीछे कारण जो भी हो, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐतिहासिक महत्वता रखने वाला मेला आज इस आपातकाल के कारण शुरू ही नहीं हो पाया। उम्मीद है कि अगली बार मेला पूरे यौवन के साथ आयोजित होगा।

- नरेंद्र कुमार, पूर्व अध्यक्ष, म्यूनिसिपल कमेटी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.