पूरथू के आकाश में उड़ी पतंगें, पेंटिंग मुकाबले में भी विद्यार्थियों ने लिया भाग

संवाद सहयोगी बसोहली पूरथू में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को पर्यटन विभाग ने कई मु

JagranSun, 28 Nov 2021 04:53 AM (IST)
पूरथू के आकाश में उड़ी पतंगें, पेंटिंग मुकाबले में भी विद्यार्थियों ने लिया भाग

संवाद सहयोगी, बसोहली: पूरथू में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को पर्यटन विभाग ने कई मुकाबले करवाए, जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में जिला विकास परिषद के अध्यक्ष महान सिंह रहे। विशेष अतिथि के रुप में बीडीसी चेयरमैन सुषमा जम्वाल रही।

शनिवार को पर्यटन विभाग की ओर से सांबा, कठुआ, जम्मू, ऊधमपुर से सौ के करीब बच्चों को बसोहली स्थित पूरथू लाया गया। इन बच्चों के बीच कई मुकाबले करवाए गए। इससे पहले बसोहली पहुंचने पर मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथि ने झंडी दिखाकर बच्चों का स्वागत किया। इसके बाद बच्चों को थोड़ी देर आराम करने के उपरांत पेंटिग मुकाबला करवाया गया। इस दौरान युवाओं का पतंग उड़ाने का मुकाबला पूरथू के मैदान में भी करवाया गया। इस दौरान घोषणा की गई कि जिसकी पतंग सबसे देर आसमान में सुरक्षित रहेगी, उसे ही प्रथम स्थान दिया जाएगा। इसी तरह, रस्सा कशी के मुकाबले करवाए गए, जिस पर उपस्थित स्थानीय निवासियों ने तालियां बजाकर प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। इसके उपरांत गीत संगीत के मुकाबले करवाए गए।

मुख्य अतिथि महान सिंह ने कहा कि पूरथू में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करवाने पर कहा कि पर्यटन विभाग की जिला प्रशासन से मिलकर यह पहल सराहनीय है। पूर्व में सूचना दी होती तो यहां पर स्थानीय निवासियों को भी ऐसे मुकाबले देखने का अवसर प्राप्त होता, स्थानीय बच्चे भी इस मुकाबले में शामिल हो पाते। उन्होंने कहा कि कहा कि पलाही में पर्यटन की आपार संभावनाएं है। पर्यटन विभाग को इस तरफ ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नरेश कुमार ने कहा कि बसोहली अपने आप में खूबसूरती की मिसाल है, यहां पर पूरथू व अटल सेतु है और कुदरत के रंगीन नजारे। अंत में प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सीईओ दुन्नी चंद भट्टी भी उपस्थित रहे।

बाक्स----

स्थानीय लोगों का किया गया अनदेखी म्यूनिसिपल कमेटी के पूर्व प्रधान सुनील सोनी ने पर्यटन विभाग पर बसोहली के बच्चों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर कार्यक्रम तय था तो बसोहली के बच्चों को भी मौका दिया जाना चाहिए था। पंच, सरपंच ग्रामीण क्षेत्रों से कस्बे से युवाओं को बुलाकर पेंटिग मुकाबले भाग दिलवाया जाता। पतंगबाजी एवं अन्य खेलों में भाग ले सकते थे स्थानीय युवा। भविष्य में पर्यटन विभाग को स्थानीय कला को भी तरजीह देनी चाहिए।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.