दुख की घड़ी में सारा देश शहीद परिवारों के साथ

जागरण संवाददाता, कठुआ : आतंकी घटना में एक साथ शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत को लेकर जहां देश भर में रोष के साथ-साथ उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देने का क्रम जारी है। रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुखर्जी चौक में बैठकर शहीद जवानों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए वहीं, कई अन्य संगठनों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन कर जवानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

पूर्व वनमंत्री राजीव जसरोटिया की अध्यक्षता में जमा हुए भाजपाईयों ने शहर के मुखर्जी चौक में जवानों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। करीब दो घंटे चली इस शोक सभा में शामिल दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मौन रखते हुए शहीद जवानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूर्व वन मंत्री ने घटना को देश के अपूर्णीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के आतंक के खिलाफ रुख से बौखलाए आतंकियों ने पाकिस्तान की शह पर इस घटना को अंजाम देकर अपने कायर होने का सबूत दे दिया है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सारा देश शहीद परिवारों के साथ है और सरकार इस घटना के खिलाफ जल्द ही कड़ा कदम उठाकर अब आतंकवाद को कुचलने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

इस क्रम में रविदास सभा ने भी संत रविदास के प्रकाश पर्व पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा को निरस्त करते हुए शोक सभा का आयोजन किया। सभा के बीआर मुंडे की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर शहीद जवानों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। इस दौरान मुंडे ने कहा कि देश में हुई बड़ी आतंकी घटना से हर कोई आहत है। जवानों की शहादत से व्याप्त शोक की इस घड़ी में उनकी पूरी सभा दुख व्यक्त करती है। लिहाजा उन्होंने हर साल होने वाले कार्यक्रम को रद्द कर शोक सभा का आयोजन किया है। जिसमें शामिल लोगों ने शहीद जवानों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा है। वहीं कठुआ विकास मंच द्वारा भी शोक सभा का आयोजन किया गया। महाजन हाल कठुआ के सभागार में आयोजित शोक सभा में मंच के दर्जनों पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखते हुए शहीद जवानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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शहीदी चौक में कैंडल मार्च निकाला

वहीं देर शाम को शहर के शहीदी चौक में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। शिक्षिका सुषमा अवतार की अध्यक्षता में आयोजित मार्च में शामिल लोगों ने भारत माता के जयघोष करते हुए जवानों की शहादत को याद किया।

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