डीएपी खाद की किल्लत ने बढ़ाई किसानों की दिक्कतें, नहीं हो पा रही गेहूं की बिजाई

किसान एक खाद केंद्र से दूसरे खाद केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। यही समय है जब गेहूं की बिजाई हो जानी चाहिए। मगर बिना खाद के यह संभव नहीं हो पा रहा है। वहीं धीरे-धीरे खेती से नमी भी खत्म हो रही है।

Lokesh Chandra MishraMon, 29 Nov 2021 07:29 PM (IST)
रबी सीजन के दौरान जम्मू क्षेत्र में 15,000 से 18,000 मीट्रिक टन खाद की जरूरत रहती है।

जम्मू, जागरण संवाददाता : रबी सीजन में गेहूं की बिजाई का सीजन गुजरने की ओर बढ़ने लगा है। मगर डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। अधिकांश खाद केंद्रों में डीएपी खाद नहीं मिल रही। किसान एक खाद केंद्र से दूसरे खाद केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। यही समय है, जब गेहूं की बिजाई हो जानी चाहिए। मगर बिना खाद के यह संभव नहीं हो पा रहा है। वहीं धीरे-धीरे खेती से नमी भी खत्म हो रही है। अगर अभी बिजाई नहीं हुई तो अगले दो सप्ताह बाद किसानों काे लेट वैरायटी के बीज ही इस्तेमाल करने पड़ेंगे।

रबी सीजन के दौरान जम्मू क्षेत्र में 15,000 से 18,000 मीट्रिक टन खाद की जरूरत रहती है। मगर अभी तक दो रैक के जरिए महज 5000 मीट्रिक टन खाद ही जम्मू पहुंची है जो किसानों में बंट चुकी। अब कुछ ही खाद केंद्रों में डीएपी खाद की उपलब्धता है। अधिकांश खाद केंद्र खाली है। जम्मू जिले और सांबा जिले में ही दिसंबर माह के अंत तक 5000 मीट्रिक टन खाद की जरूरत रहेगी। यह जरूरत कैसे पूरी होगी, किसान नहीं जानते।

किसानों की आवाज कहे जाने वाले कुलभूषण खजूरिया ने कहा कि मंडाल क्षेत्र में किसी भी खाद केंद्र में डीएपी नही मिल रही। एक तो पहले धान फसल ढह जाने से इसे समेटने में किसानों को अधिक समय लगा और बड़ी मुश्किल से खेत खाली हुए। अब गेहूं की बिजाई का समय है लेकिन डीएपी खाद नही है। वहीं खोखरे चक रामगढ़ के किसान चौधरी प्रकाश का कहना है कि गेहूं कही बिजाई का सीजन गुजरने की ओर जा रहा है। ऐसे में डीएपी खाद नही मिलने से किसान दुखी है। थोड़े दिनों के बाद किसान बिना खाद के बिजाई करने के लिए मजबूर हो जाएगा। पनोतरे चक के किसान कुलदीप राज ने कहा कि खाद का अग्रिम तौर पर भंडारण किया जाना चाहिए था। पिछले साल सब ठीक था, लेकिन इस बार कृषि विभाग खाद के बंदोबस्त में विफल रह रहा है।

लॉ इंफोर्समेंट कृषि विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर तिलक राज ने कहा कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि पहली दिसंबर से खाद की लोर्डिंग शुरू हो जाएगी। ऐसे में उम्मीद है कि अगले एक डेढ़ सप्ताह तक जम्मू में डीएपी खाद का रैक लग जाएगा। इससे किसानों को राहत मिलेगी। हम और भी खाद मंगाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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