वेयर हाऊस-नेहरू मार्केट में व्यापारियों के लिए बनाएंगे अच्छा माहौल : दीपक गुप्ता

सरकार हमें गोदाम बनाने के लिए शहर के आसपास कहीं पर्याप्त जगह दे।

ट्रेड पालिसी के तहत नए वेयर हाऊसेस नई मंडियां व बाजार विकसित करें। इन विषयों पर केंद्र व प्रदेश सरकार से बातचीत का दौर लगातार जारी है और हमें उम्मीद है कि सरकार व्यापारियों को कुछ राहत जरूर देगी।

Rahul SharmaMon, 05 Apr 2021 09:27 AM (IST)

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में राशन सप्लाई करने वाली जम्मू की सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयर हाऊस-नेहरू मार्केट के चुनाव में रविवार को नया इतिहास लिखा गया। छह दशक से पुरानी इस मंडी के दुकानदारों ने आज तक के सबसे युवा प्रधान का चयन किया। दीपक गुप्ता चालीस साल की उम्र में ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाऊस-नेहरू के प्रधान बने। वर्ष 2015 में पहली बार फेडरेशन के महासचिव चुने गए दीपक गुप्ता के कामकाज से कारोबारी इतने संतुष्ट थे कि अगले चुनाव में उन्हें सर्वसम्मति से महासचिव चुन लिया गया और इस बार उन्होंने प्रधान पद का चुनाव लड़ने का फैसला लिया तो कारोबारियों के भरपूर समर्थन से उन्होंने एक तरफा जीत हासिल की। इस शानदार जीत के पीछे क्या राज था और अब अपनी फेडरेशन के सदस्यों के लिए वो क्या एजेंडा लेकर आए है, यह जानने के लिए दैनिक जागरण के उप-मुख्य संवाददाता ललित कुमार ने की उनसे विशेष बातचीत। पेश है इस बातचीत के मुख्य अंश :

प्र. आप लगातार दो बार महासचिव रहे और अब प्रधान। कोई आपके सामने टिकता नहीं, क्या वजह है?

ऊ. वजह कोई खास नहीं है। बस अपने व्यापारियों के लिए काम करना और फेडरेशन की सेवा करना मेरा एकमात्र उद्देश्य रहा है। मेरे पिता श्री पूर्ण चंद गुप्ता जी करीब डेढ़ दशक तक फेडरेशन के प्रधान रहे। मैने उनसे सच्चाई व सेवा की राह पर चलना सीखा। उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलते हुए 2015 में पहली बार चुनाव में उतरा था और सबके साथ से जीत मिली। अपने कार्यकाल के दौरान मैने वेयर हाऊस-नेहरू मार्केट में बुनियादी ढांचा मजबूत करने का प्रयास किया। काफी काम भी हुए। व्यापारियों की हर मुश्किल को अपनी मुश्किल समझा और शायद यहीं कारण है कि व्यापारियों का प्यार और विश्वास बढ़ता गया और आज उन्होंने मुझे अपना प्रधान चुना।

प्र. आप दो बार महासचिव रह चुके है। अब प्रधान बने है। कुछ प्राथमिकताएं तय की होंगी, कुछ एजेंडा भी होगा?

ऊ. काम तो बहुत करने वाले है। महासचिव रहते भी कई काम किए, कुछ अधूरे रह गए है। मेरी कोशिश होगी कि अधूरे कामों को प्राथमिकता पर पूरा करू। मसलन वेयर हाऊस के दुकानदारों के लिए गोदामों के लिए अतिरिक्त जगह चाहिए। कंपीटीशन बढ़ता जा रहा है। छह दशक बीत गए, आज भी हमारे पास वहीं पुरानी दुकानें है। हम चाहते है कि सरकार हमें गोदाम बनाने के लिए शहर के आसपास कहीं पर्याप्त जगह दे। इसे लेकर सरकार से लगातार बात चल रही है। इसे लेकर हमने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह जी से भी बात की थी। हम इस मुद्दे को लेकर दिल्ली भी गए। हमने पूर्व सलाहकार केके शर्मा से भी मुलाकात करके यह मांग रखी थी। इस दिशा में काफी काम हुआ भी है, जेडीए शहर के आसपास जगह की तलाश भी कर रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम व्यापारियों की यह मांग जल्द पूरी होगी।

हमारी दूसरी सबसे बड़ी मांग है कि जिस तरह सरकार इंडस्ट्री पालिसी बनाती है, उसी तरह केंद्रीय स्तर पर या प्रदेश स्तर पर ट्रेड पालिसी भी बनाई जाए। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कारण व्यापार को काफी नुकसान हुआ है, हम चाहते है कि राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड पालिसी बनाकर एफडीआई इन रिटेल कम किया जाए और ऑनलाइन बिजनेस करने वाली वेबसाइट के लिए भी कोई ठोस पालिसी बने क्योंकि इससे देश के छोटे दुकानदारों को काफी नुकसान हो रहा है। अगर सरकार ने रिटेल में एफडीआई कम नहीं की और इन आॅनलाइन वेबसाइट पर लगाम नहीं लगाई तो हमारे जैसे छोटे-छोटे दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे। जहां तक जम्मू-कश्मीर का सवाल है, तो हम चाहते है कि सरकार ट्रेड पालिसी बनाकर बनाकर व्यापारियों के लिए कुछ विशेष सब्सिडी या इंटरस्ट माफी की छूट दे। इसके अलावा ट्रेड पालिसी के तहत नए वेयर हाऊसेस, नई मंडियां व बाजार विकसित करें। इन विषयों पर केंद्र व प्रदेश सरकार से बातचीत का दौर लगातार जारी है और हमें उम्मीद है कि सरकार व्यापारियों को कुछ राहत जरूर देगी।

प्र. इसके अलावा भी कोई काम था जो अधूरा रह गया हो और अब पूरा करना चाहेंगे?

ऊ. जी बहुत। अभी तो कई काम करने वाले है। मसलन, हमारी मंडी में वाहन पार्किंग में जगह कम है। ट्रकों के लिए पार्किंग नहीं है। इसे लेकर हमने जेडीए व जम्मू के मेयर चंद्रमोहन गुप्ता जी से बात की है। हमारी कोशिश है कि कारों की मौजूदा पार्किंग का क्षेत्र बढ़ाया जाए और वेयर हाऊस के पीछे तवी किनारे जो जगह खाली पड़ी है, वहां ट्रकों के लिए टेंपररी पार्किंग बन जाए। इसके अलावा नेहरू मार्केट, वेयर हाऊस, केसी मार्केट व शिव मार्केट में शौचालयों की मरम्मत व उचित रखरखाव, मंडी में हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग भी हमने मेयर के सामने रखी है। मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में यह काम पूरा हो जाएंगे।

प्र. यह तो हो गई अधूरे कामों को पूरा करने की बात, कुछ और भी योजनाएं है?

ऊ. जी बिलकुल। अपने कार्यकाल के दौरान मैने देखा कि हमारे व्यापारियों को कंप्यूटर से जुड़े काम करने में काफी दिक्कत आती है। इसके लिए हम फेडरेशन के आफिस में एक कंप्यूटर एक्सपर्ट की नियुक्ति करेंगे ताकि व्यापारी फेडरेशन आफिस से ही फूड लाइसेंस, नागा फार्म, जीएसटी रजिस्ट्रेशन व अन्य ऑनलाइन काम करवा सके, उन्हें यह सब करने के लिए कहीं बाहर न जाना पड़े। मेरी कोशिश रहेगी कि इनकम टैक्स विभाग से मिलकर फेडरेशन आफिस में ही एक परमानेंट काउंटर बनाया जाए जहां व्यापारी अपनी जीएसटी रिर्टन भी भर सके। आज कल महीने में ही तीन-तीन रिर्टन भरनी पड़ती है जिससे सीए का खर्च काफी बढ़ गया है। मेरी कोशिश होगी कि व्यापारियों को यह सब फेडरेशन की तरफ से मिले। इसके लिए फेडरेशन अपना इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी।

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