Drone Force : जम्मू-कश्मीर सीमा पर शांति की आड़ में गुलाम कश्मीर में ड्रोन फोर्स तैयार कर रहा पाकिस्तान

संघर्ष विराम की आड़ में गुलाम कश्मीर में चल रहे आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर में भारत के खिलाफ ड्रोन फोर्स तैयार की जा रही है। यह बात इस बात से भी साबित हो जाती है कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर फरवरी में समझौता हुआ था।

Lokesh Chandra MishraFri, 23 Jul 2021 04:25 PM (IST)
कानाचक्क में मार गिराए गए ड्रोन के बारे बताया कि यह भारतीय सीमा के सात किलोमीटर भीतर आ गया था।

जम्मू, राहुल शर्मा : पाकिस्तान शांति बहाली के नाम पर आतंकी संगठनों की ताकत बढ़ाने में लगा है। संघर्ष विराम की आड़ में गुलाम कश्मीर में चल रहे आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर में भारत के खिलाफ ड्रोन फोर्स तैयार की जा रही है। यह बात इस बात से भी साबित हो जाती है कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर फरवरी में समझौता हुआ था। उसी महीने सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने रामगढ़ में ड्राेन से फेंके गए हथियार बरामद किए थे।

एडीजीपी मुकेश सिंह ने आज शुक्रवार को पुलिस द्वारा कानाचक्क सेक्टर में मार गिराए गए ड्रोन के बारे में बताया कि यह भारतीय सीमा के सात किलोमीटर भीतर आ गया था। इस पर लादा गया वजन कम था इसीलिए भारतीय सीमा में दाखिल होने के बाद यह लगभग 20 किलोमीटर अंदर तक आ सकता था।

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान पाकिस्तान भारत के खिलाफ ऐसी कई नाकाम कोशिशें कर चुका है। इस अवधि के दौरान सुरक्षाबलों ने 25 से 30 बार ड्रोन द्वारा गिराए गए सामान को बरामद किया है। अब तक 15 एके-47, 4 एम-4 अमेरिकी राइफल, 34 पिस्तौल, 18 आइईडी शामिल हैं। इसके अलावा इन्हीं ड्रोन की मदद से आतंकी संगठनों तक आर्थिक मदद पहुंचाने की भी कोशिश की गई। अब तक चार लाख बरामद किए गए हैं।

खुफिया एजेंसी भी इस बारे में रक्षा मंत्रालय को सचेत कर चुका है। पाकिस्तान द्वारा तैयार की जा रही आधुनिक तकनीकी से परिचित आतंकवादियों की यह फोर्स भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। बिना सरहद लांघ गुलाम कश्मीर में बैठे से आतंकी ड्रोन के जरिये आतंकी हमलों को भी अंजाम दे सकते हैं और अपने साथियों तक हथियार या फिर ड्रग की भारी भरकम खैप भी पहुंचा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना की मदद से आतंकी संगठनों ने चीन व तुर्की से कई विशेष ड्रोन खरीदे भी हैं व आने वाले दिनों में खरीदने वाली है, जो 20 से 30 किलो तक सामान उठाकर आराम से हवा में कहीं भी आ जा सकता है।

आपको यह भी बता दें कि जम्मू पुलिस ने आज अखनूर के कानाचक्क सेक्टर में जिस ड्रोन को मार गिराया था। उसके साथ भले पांच किलो आरडीएक्स बांधी गई थी परंतु इस हेक्साकाप्टर के वजन उठाने की क्षमता 10 किलो तक थी। यही नहीं ड्रोन में जीपीएस और फ्लाइट कंट्रोलर भी लगा हुआ था। यह ड्रोन 20 जून 2020 को सीमा सुरक्षाबल द्वारा हीरानगर सेक्टर के सीमांत गांव पानसर गांव में मार गिराए गए ड्रोन का अगला वर्जन है।

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन के हमले के बाद भारतीया सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क हो गई हैं। हमले की जांच में जुटी एनआइए व जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी यह साफ कर दिया कि हमले में इस्तेमाल ड्रोन पाकिस्तानी हैं। भारतीय सेना की नजर में आए बिना आतंकी इन हमलों को अंजाम दे सकें इसके लिए पाकिस्तानी सेना उन्हें सीमा के नजदीक बनाए गए अपने बैरकों का इस्तेमाल भी करने दे रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने रक्षा मंत्रालय को इस बात से भी आगाह कर दिया है कि जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा द्वारा गुलाम कश्मीर में चलाए जा रहे 28 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों में आतंकवादियों को ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ उनकी मदद से राकेट लॉच करने केे लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। चीन भी इसमें उनकी पूरी मदद कर रहा है।

वहीं डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी जितनी भी कोशिश कर रहे अपनी नापाक साजिशों में कामयाब नहीं हो सकता। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन हमले के बाद सीमा पर सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाया गया है। पाकिस्तान की हरेक योजना को इसी तरह नाकाम बनाया जाएगा।

कब-कब किया गया ड्रोन का इस्तेमाल

18 फरवरी 2020 में पाकिस्तानी ड्रोन अंतरर्राष्ट्रीय सीमा पर सांबा के रेगाल क्षेत्र में दिखा 20 फरवरी 2020 में सांबा के चक्क फकीरा में दिखा ड्रोन 14 मई 2020 में सांबा के रेगाल पोस्ट पर ड्रोन से गिरायी गई एक एके 47 राइफल, 9 एमएम पिस्तौल उसकी दो मैगजीन 20 जून 2020 को कठुआ के हीरानगर सेक्टर के सीमांत गांव पनसर में बीएसएफ ने ड्रोन को गिराया। इसके साथ बांधी गई राइफलें व गोलाबारूद भी बरामद हुआ था 1 अगस्त 2020 को हीरानगर सेक्टर में एक बार फिर ड्रोन देखा गया। 19 सितंबर 2020 को हीरानगर के सीमांत गांव मनयारी में ड्रोन देखे जाने पर इलाके में दहशत फैल गई। 14 मई 2021 को सांबा जिले में पाकिस्तानी ड्रोन से भेजे गए हथियार बरामद हुए हैं। जिसमें एक एके-47 राइफल, एके-47 की एक मैग्जीन, एक 9एमएम पिस्टल, पिस्टल के 15 कारतूस मिले हैं। 18 मई 2021 में सांबा-रामगढ़ सेक्टर में दिखा ड्रोन 1 जून 2021 में सांबा के रेगाल पोस्ट पर दिखा ड्रोन 27 जून को वर्ष 2021 में जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में ड्रोन ने बम गिराए 28 जून वर्ष 2021 को जम्मू सैन्य छावनी कालूचक्क, सुजंवा, रत्नूचक्क इलाके में दो बार दिखा पाकिस्तानी ड्रोन 2 जुलाई 2021 में जबोबाल पोस्ट पर दिखा ड्रोन 11 जुलाई 2021 को पुलिस ने एक ट्रक चालक को हथियारों के साथ पुरमंडल जम्मू में गिरफ्तार किया। ये हथियार वह ड्रोन द्वारा आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा सीमांत इलाके में फेंके जाने के बाद कश्मीर ले जा रहा था 15 जुलाई 2021 को सांबा व कठुआ में दो बार पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। 20 जुलाई 2021 को सतवारी एयरफोर्स स्टेशन के पास दो बार ड्रोन दिखा। 23 जुलाई 2021 को अखनूर के कानाचक्क सेक्टर में 5 किलो आइईडी लेकर आए पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया गया।

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