जम्मू से दो पहिया वाहन चुरा कर दूसरे जिलों में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़

शहर के डोगरा चौक नाके पर पुलिस ने एक स्कूटी पर सवार दो युवकों को रोका। जिस स्कूटी पर वे सवार थे उसमें दस्तावेज नहीं थे। दोनों युवकों से जब दस्तावेज के बारे में पूछा तो उन्होंने स्कूटी को नाके पर छोड़ कर भागने लगे।

Lokesh Chandra MishraSun, 28 Nov 2021 07:34 PM (IST)
आरोपितों में से एक गुज्जर नगर का रहना वाला है, जबकि दूसरा बिहार का।

जम्मू, जागरण संवाददाता : शहर के विभिन्न हिस्सों से दो पहिया वाहनों को चुरा कर उन्हें संभाग के दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को जम्मू पुलिस ने पकड़ा है। बताया जा रहा है कि आरोपितों के खुलासे से पुलिस ने अब तक चोरी के दस दो पहिया वाहनों को बरामद किया है। पकड़े गए वाहन चोर गिरोह के तीनों सदस्यों से नवाबाद पुलिस थाने में पूछताछ कर रही है।

शहर के डोगरा चौक नाके पर पुलिस ने एक स्कूटी पर सवार दो युवकों को रोका। जिस स्कूटी पर वे सवार थे, उसमें दस्तावेज नहीं थे। दोनों युवकों से जब दस्तावेज के बारे में पूछा तो उन्होंने स्कूटी को नाके पर छोड़ कर भागने लगे। पुलिस कर्मियों ने युवकों को वहां से भागने नहीं दिया। उन्हें पूछताछ के लिए नवाबाद थाने में ले जाया गया। आरोपितों में से एक गुज्जर नगर का रहना वाला है, जबकि दूसरा बिहार का। वह भी इन दिनों जम्मू में ही रह रहा है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे स्कूटी को चुरा कर भाग रहे थे।

गहनता से पूछताछ करने पर आरोपितों ने बताया कि वे शहर के विभिन्न हिस्सों से कई वाहनों को चुराया है। चोरी किए गए वाहनों को वे डोडा, रामबन जैसे पहाड़ी जिलों में सस्ते दाम पर बेच देते हैं। आरोपितों के खुलासे के बाद जम्मू पुलिस की एक टीम डोडा के लिए रवाना हुई। यहां बेचे गए चोरी के वाहनों को बरामद कर जम्मू लाया गया। अब तक पुलिस ने आरोपितों के खुलासे से दस वाहनों को बरामद किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। जल्द ही पत्रकार वार्ता कर वह इस मामले का खुलासा करेंगे।

नरवाल में कबाड़ी की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट बदलते थे : जम्मू पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का साथ देने के आरोप में एक कबाड़ी को भी पकड़ा है। बताया जा रहा है कि दोनों वाहन चोर वाहन को चुराने के बाद नरवाल के एक कबाड़ी के पास ले जाते थे। कबाड़ी वाहनों पर लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को उतार कर उस वाहन में दूसरी नंबर प्लेट लगा देता था। फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहन को चोर कुछ अन्य लोगों की मदद से संभाग के दूरदराज वाले पहाड़ी जिलों में बेच देते थे। इस पूरी

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