Kashmiri Pandits : कश्मीरी पंडितों के लिए बारामूला में बनने जा रहा ट्रांजिट कैंप, खर्च होंगे 40 करोड़ रुपये

केंद्रीय मंत्री केंद्र सरकार के विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत बारामुला जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए थे। इसका उद्देश्य लोगों की विकास संबंधी अपेक्षाओं और चिंताओं को सुनना था। सोनोवाल ने कई प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की।

Rahul SharmaSat, 18 Sep 2021 10:34 AM (IST)
विविधता में एकता से मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो रहा है।

जम्मू, राज्य ब्यूरो: भारत सरकार घाटी में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए 40 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांजिट कैंप तैयार कर रही है। केंद्र सरकार ही नहीं कश्मीर के लोग भी पंडितों की वापसी के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका बेसब्री से इंतजार हो रहा है।कश्मीरी विस्थापित कश्मीर की समग्र संस्कृति का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उनके कल्याण के लिए वचनबद्ध है। उनका पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस उपाय किए गए हैं ताकि वे कश्मीर घाटी में शांति और सद्भाव के साथ रह सकें।

केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने यह बात ख्वाजाबाग बारामुला में ट्रांजिट आवास शिविर की आधारशिला रखने के बाद कही। लगभग 337 परिवारों के रहने की सुविधा वाले ट्रांजिट कैंप पर 4032 लाख रुपये खर्च आ रहे हैं। हर फ्लैट पर 12 लाख रुपये की लागत आ रही है। इसके लिए करीब 50 कनाल भूमि का अधिग्रहण किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कश्मीर के लोगों को प्रेमपूर्ण और मिलनसार स्वभाव का बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब विभिन्न धर्मों के लोग आपस में शांति और समृद्धि के साथ रहें। उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव पहल का मकसद भी यही है। विविधता में एकता से मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री केंद्र सरकार के विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत बारामुला जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए थे। इसका उद्देश्य लोगों की विकास संबंधी अपेक्षाअों और चिंताओं को सुनना था। सोनोवाल ने कई प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की। लोगों ने उन्हें अपनी मांगों और शिकायतों से अवगत कराया।कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों ने भी मंत्री के साथ मुलाकात की। इनमें आयुष संस्थानों में ढांचागत सुविधाओं को अपग्रेड करना तथा वाटरवेज को विकसित करना शामिल था।

पंचायत राज संस्थानों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार के जनसंपर्क अभियान के लिए उनका आभार जताया। वहीं केंद्रीय मंत्री ने भी लोगों से हुई मुलाकात को लाभदायक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का जम्मू.कश्मीर को विकसित करने का सपना है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जमीनी स्तर पर पेश आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी लेना है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि लोगों ने जो समस्याएं उठाई हैंए वे केंद्र सरकार और उपराज्यपाल के समक्ष रखी जाएंगी ताकि इनका समाधान हो। उन्होंने जम्मू.कश्मीर के विकास में हर किसी से सहयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को जम्मू-कश्मीर में शुरू किया गया है। इनका लाभ भी लोगों को मिल रहा है।

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