Coronavirus Vaccination: जम्मू कश्मीर में टीकारण का लक्ष्य 25 फरवरी तक पाना असंभव, लक्ष्य से 41 प्रतिशत दूर

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को 25 फरवरी तक टीकाकरण करना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देशों के बावजूद जम्मू कश्मीर में निर्धारित समय में स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण करना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को 25 फरवरी तक टीकाकरण करना है और अभी 41 फीसद कर्मियों ने टीके नहीं लगवाए हैं।

Vikas AbrolMon, 22 Feb 2021 01:34 PM (IST)

जम्मू, रोहित जंडियाल । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देशों के बावजूद जम्मू कश्मीर में निर्धारित समय में स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण करना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को 25 फरवरी तक टीकाकरण करना है और अभी 41 फीसद कर्मियों ने टीके नहीं लगवाए हैं। श्रीनगर जिले के स्वास्थ्यकर्मी तो इसमें रूचि ही नहीं दिखा रहे हैं।

करीब दो सप्ताह पहले केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जम्मू कश्मीर में कम टीकाकरण पर नाराजगी जताई थी।इसके बाद जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य विभाग ने सभी अधिकारियों को टीकाकरण अभियान में तेजी लाने को कहा। लेकिन ऐसा हो नहीं सका। एक सप्ताह पूर्व जहां 49 फीसद स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ था। वहीं अब एक सप्ताह में मात्र दस फीसद ही स्वास्थ्य कर्मी आगे आए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से मिले आंकड़ों के अनुसार अभी तक जम्म्मू कश्मीर में कुल 2,00,583 स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया गया है। अभी 59 फीसद स्वास्थ्य कर्मियों और 49 फीसद फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण हुआ है। स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण पूरा करने का लक्ष्य 25 फरवरी निर्धारित किया गया है। मगर अभी कश्मीर के बहुत से जिलों में बहुत कम टीकाकरण हुआ है। उनके लिए अब टीकाकरण के लक्ष्य को समय पर पूरा करना मुमिकन नहीं लग रहा है। श्रीनगर जिले में सबसे कम 30 फीसद स्वास्थ्य कर्मियों ने ही अभी तक टीके लगवाए हैं। वहीं बारामूला, गांदरबल, कुपवाड़ा, अनंतनाग में भी अभी चालीस से साठ फीसद के बीच ही स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ है।

जम्मू संभाग में भी अभी 25 फरवरी तक किसी भी जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण होने की उम्मीद बहुत कम है। किश्तवाड़ जिले में सबसे कम 46 फीसद और रियासी में 54 फीसद का टीकाकरण हुआ है। हालांकि कश्मीर के मुकाबले जम्मू संभाग के अन्य आठ जिलों में बेहतर टीकाकरण हुआ है। लेकिन शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए अगने तीन दिनों तक उधमपुर और सांबा जिलों में भी 17-17 फीसद और टीकाकरण करना होगा। इन दोनों ही जिलों में सबसे अणिक 83-83 फीसद मतदान हुआ है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक उच्चाधिकारी के अनुसार पच्चीस फरवरी तक लक्ष्य कोे हासिल करना अब नामुमकिन है। उनका कहना है कि श्रीनगर जिलेे में तो स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण के लिए आगे आ ही नहीं रहे हैं।

फ्रंटलाइन वर्कर्स में उत्साह

स्वास्थ्य कर्मियों की अपेक्षा फ्रंटलाइन वर्कर्स टीकाकरण के लिए अधिक आगे आ रहे हैं। अभी तक 49 फीसद फ्रंटलाइन वर्कर्स टीके लगा चुके हैं। उन्हें 4 फरवरी को टीके लगाना शुरू किए थे। जबकि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया था।एक सप्ताह पहले मात्र 28 फीसद फ्रंटलाइन वर्कर्स ने ही टीके लगवाए थे लेकिन अब एक सप्ताह में 21 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इतने कर्मचारियों का होना है टीकाकरण

जम्मू-कश्मीर में पहले चरण में 1,16,129 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीकाकरण के लिए अपना पंजीकरण करवाया हुआ है। वहीं 2,70,439 फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी टीके लगाए जा रहे हैं। लेकिन अभी तक 68,329 स्वास्थ्य कर्मियों और 1,32,254 फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके लगे हैं।

किस जिले में कितना हुआ टीकाकरण :

जिला         हेल्थ वर्कर       फ्रंटलाइन वर्कस

अनंतनाग  51 फीसद        51 फीसद

बड़गाम    66 फीसद        44 फीसद

बांडीपोरा  71 फीसद         66 फीसद

बारामूला  44 फीसद          37 फीसद

गांदरबल   53 फीसद         66 फीसद

कुलगाम   67 फीसद         66 फीसद

कुपवाड़ा  52 फीसद        39 फीसद

पुलवामा   66 फीसद        61 फीसद

शोपियां    81 फीसद        65 फीसद

श्रीनगर   30 फीसद       36 फीसद

डोडा       70 फीसद       49 फीसद

जम्मू       71 फीसद        54 फीसद

कठुआ     69 फीसद        68 फीसद

किश्तवाड़  46 फीसद      41 फीसद

पुंछ          67 फीसद     40 फीसद

राजौरी      67 फीसद     38 फीसद

रामबन      70 फीसद     79 फीसद

रियासी      54 फीसद     66 फीसद

सांबा        83 फीसद      56 फीसद

ऊधमपुर    83 फीसद    73 फीसद 

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