जम्मू कश्मीर के डिग्री कॉलजों में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की योजना सिरे नहीं चढ़ी, जानिए क्या है वजह

20 वोकेशनल कोर्स संबंधित विश्वविद्यालयों के सहयोग से चलाए जाने थे जो कोरोना के कारण शुरू नहीं हो पाए।

20 वोकेशनल कोर्स संबंधित विश्वविद्यालयों के सहयोग से चलाए जाने थे जो कोरोना के कारण शुरू नहीं हो पाए। इन कोर्सों को नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अंडर ग्रेजुएट की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए शुरू होना था। इसके लिए केंद्र कालेज भी बनाए गए थे।

Vikas AbrolTue, 11 May 2021 03:55 PM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो । केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के डिग्री कॉलेजों में वोकेशनल कोर्सों को शुरू करने की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है। कश्मीर और जम्मू के 11-11 कॉलेजों में पहले चरण में वोकेशनल कोर्स शुरू करने का मसौदा तैयार किया गया था।

20 वोकेशनल कोर्स संबंधित विश्वविद्यालयों के सहयोग से चलाए जाने थे जो कोरोना के कारण शुरू नहीं हो पाए। इन कोर्सों को नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अंडर ग्रेजुएट की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए शुरू होना था। इसके लिए केंद्र कालेज भी बनाए गए थे। अब तो अकादमिक सत्र 2021-22 भी शुरू हो चुका है मगर इस दिशा में कुछ नहीं हुआ है।

उच्च शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी पिछले साल सितंबर में शुरू की थी। एक पूरा दस्तावेज बनाकर कालेजों को सौंपा था। अक्षय ऊर्जा प्रबंधन, रिटेल प्रबंधन, साफ्टवेयर डेवलपमेंट, टूरिज्म एंड सर्विस इंडस्ट्री, हैंडीकाफ्रट एंड हैंडलूम, प्रिटिंग टेक्नोलॉजी, खाद्य तकनीक एवं प्रसंस्करण, फार्म मशीनरी एंड पावर इंजीनियरिंग, मोबाइल कम्यूनिकेशन, फैशन टेक्नोलॉजी, इंटीरिर डिजाईनिंग, बिल्डिंग टेक्नोलॉजी, पैरामेडिकल एंड हेल्थ केयर, वेलनैस एंड नेचरोपैथी, टेक्सटाइल डिजाईनिंग, मीडिया प्रोडक्शन, बैकिंग एंड फाइनेंशनल सर्विस, रेफरीज्ररेशन एंड एयर कंडशीनिंग कोर्स शुरु होगे। कुछ अन्य कोर्स भी कालेज शुरु कर सकते हैं।

उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए कालेजों के परामर्श संस्थानों की घोषणा भी की थी जिसमें शेर-ए-कश्मीर कृषि, विज्ञान और तकनीक विश्वविद्यालय कश्मीर, इस्लामिक विश्वविद्यालय अवंतीपोरा कश्मीर, कश्मीर विश्वविद्यालय, इंस्टीट्यूट आफ म्यूजिक एंड फाइन आर्टस, शेर-ए-कश्मीर कृषि, विज्ञान और तकनीक विश्वविद्यालय जम्मू, जम्मू विश्वविद्यालय शामिल है। इन कोर्सों को अंडर ग्रेजुएट की पढ़ाई के साथ साथ चलाना था ताकि विद्यार्थियों को स्वयं रोजगार या उद्यमी विकास के लिए तैयार किया जा सके।

उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों से कहा था कि वे परामर्श संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करें और स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी सौंपे। सभी केंद्र कालेजों के प्रिंसिपलों ने इसके लिए डीपीआर तैयार करने थे। नया अकादमिक सत्र आते ही जम्मू कश्मीर में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी शुरु हो गई। नतीजा यह रहा कि अब तो कक्षाएं भी ऑनलाइन ही चल रही है। ऐसे में वोकेशनल कोर्स शुरु करना संभव नहीं हो पा रहा है। इस तरह से विद्यार्थियों को नुकसान ही उठाना पड़ा है। नया अकादमिक सत्र जुलाई अगस्त में शुरू होना है। अगर हालात सामान्य हो गए तो भी इसकी तैयारी के लिए समय लगेगा।

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