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Jammu Kashmir Coronavirus: लद्दाख पूर्व सांसद के यहां शोक जताने गए 150 लोग क्वारंटाइन, दो बेटियां भी पॉजिटिव

जम्मू, राज्य ब्यूरो : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं तीन बार लद्दाख से कांग्रेस के सांसद रहे 83 वर्षीय पी नांग्याल की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद उनके संपर्क में आए 150 से अधिक वरिष्ठ नेताओं, नौकरशाहों, धार्मिक नेताओं और अन्य लोगों को लेह में होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। उनके निधन के एक दिन बाद गत मंगलवार को उनकी कोरोना जांच पॉजिटिव आई थी। पूर्व सांसद की दो बेटियां भी कोरोना से संक्रमित पाई गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए लेह प्रशासन ने उनसे संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी लेकर उन्हें होम क्वारंटाइन करने की मुहिम छेड़ दी है। स्पेशल ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में लापरवाही बरते जाने के मामले में उच्च स्तरीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। यह कमेटी जल्द रिपोर्ट देगी।

इस मामले में स्पेशल ऑपरेटिंग प्रोसीजर को नजरअंदाज किए जाने की लद्दाख प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट आने तक पार्थिव शरीर को अस्पताल के शवगृह में रखा जाना था, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। रिपोर्ट आने से पहले ही पार्थिव शरीर को घर ले जाने की इजाजत दे दी गई। पूर्व सांसद की मौत को सामान्य मौत मानकर बड़ी संख्या में लोग उनके घर पर शोक जताने के लिए पहुंचे थे। ये लोग शव के संपर्क में आए। अंतिम संस्कार में सीमित लोगों के शामिल होने को भी नजरअंदाज किया गया। इसमें लेह स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर, तीन एग्जीक्यूटिव काउंसलर, दो पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद समेत कांग्रेस की लेह जिला इकाई के अधिकतर नेताओं के साथ प्रदेश भाजपा के कई नेता व लद्दाख प्रशासन के एक आयुक्त सचिव समेत कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।

28 मई व एक जून को दिल्ली से लेह यात्र कीः सूत्रों के अनुसार पूर्व केंद्रीय ने 28 मई व एक जून को दिल्ली से लेह यात्र की थी। एक जून को दिल्ली से लौटते ही उनकी तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद उन्हें लेह के एसएनएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां एक जून को उनका निधन हो गया। दो जून को उनके कोरोना पाजिटिव होने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। लद्दाख में कोरोना संक्रमण से मौत का यह पहला मामला है।

पांच सौ लोग संपर्क में आने की बात कही जा रहीः बताया जाता है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन के बाद उनके घर और अंतिम संस्कार के समय पांच सौ से अधिक लोग शामिल रहे। आमतौर पर लद्दाख में बौद्ध समुदाय के किसी व्यक्ति के निधन पर उसके पार्थिव शरीर को करीब एक हफ्ते घर में रखकर पूजा-अर्चना की जाती है। कोरोना संक्रमण के स्पेशल ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत अब एक दिन ही घर में रखने की इजाजत है। ऐसे में एक दिन उनके आवास पर लोगों का लगातार आना जाना रहा। इससे संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ गई।

भाजपा सांसद जामियांग अंतिम संस्कार में नहीं हुए थे शामिलः लद्दाख के भाजपा सांसद जामियांग त्सीरिंग नांग्याल पूर्व केंद्रीय मंत्री पी नांग्याल के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए थे। वह कारगिल जिले के जंस्कार क्षेत्र के दौरे पर थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार लेह के भाजपा प्रधान दोरजे आंगचुक भी संस्कार में शामिल नहीं हुए थे। वह भाजपा सांसद के साथ थे।

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