Jammu University के पीजी में साइंस विषयों में सीटों के अनुपात से दस गुणा अधिक सीटें, होगी मेरिट की कड़ी जंग

पीजी कोर्स में दाखिले में आनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 नवंबर थी। उसके बाद 25 नवंबर तक तीन दिन के लिए लेट फीस के साथ आवेदन किया गया। तीन दिन विद्यार्थियों को एडिट के लिए दिए गए। अब विश्वविद्यालय में विभागीय आधार पर मेरिट सूचियां जारी की जाएगी।

Lokesh Chandra MishraPublish:Mon, 29 Nov 2021 05:41 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 05:41 PM (IST)
Jammu University के पीजी में साइंस विषयों में सीटों के अनुपात से दस गुणा अधिक सीटें, होगी मेरिट की कड़ी जंग
Jammu University के पीजी में साइंस विषयों में सीटों के अनुपात से दस गुणा अधिक सीटें, होगी मेरिट की कड़ी जंग

जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू विश्वविद्यालय के चालीस से अधिक पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में दाखिले में साइंस के विषयों में कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी विशेषकर बाटनी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, जोलूजी में सीटों के अनुपात के लिहाज से दस गुना से अधिक आवेदन भरे गए हैं। पीजी कोर्स में दाखिले में आनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 नवंबर थी। उसके बाद 25 नवंबर तक तीन दिन के लिए लेट फीस के साथ आवेदन किया गया। तीन दिन विद्यार्थियों को एडिट के लिए दिए गए। अब विश्वविद्यालय में विभागीय आधार पर मेरिट सूचियां जारी की जाएगी।

विद्यार्थियों को बेसब्री के साथ अब मेरिट सूचियां जारी होने का इंतजार है। अकादमिक मामलों के डीन का विभाग जल्द शेड्यूल जारी करेगा। दस हजार से अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। सीटों की संख्या 2500 के करीब है। सीटों के अनुपात के लिहाज से चार गुणा आवेदन फार्म भरे गए हैं। विश्वविद्यालय के साइंस के विषयों बाटनी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित, जाेलूजी के अलावा जियोलॉजी, जियोग्राफी, साइकालोजी, सोशोलियाजी के कोर्स में भी काफी आवेदन भरे गए हैं। भाषाओं के कोर्स हिंदी, पंजाबी, संस्कृत, डोगरी, इंग्लिश में आवेदन करने वालों की संख्या कम है। दो साल के लॉ कोर्स में भी अधिक फार्म भरे गए हैं। इसलिए विद्यार्थियों को सीट हासिल करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना होगा।

बताते चलें कि कोरोना से उपजे हालात के कारण इस बार एंट्रेंस टेस्ट नहीं करवाया गया है। सीधे ग्रेजुएशन के अंकों के आधार पर ही दाखिले होंगे। अकादमिक सत्र पांच महीने देरी से चल रहा है। दिसंबर महीना तो दाखिला प्रक्रिया में ही बीत जाएगा। नई कक्षाएं जनवरी माह में लगेगी। सामान्य समय में तो जनवरी में पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं हो जाती है और कक्षाएं अगस्त सितंबर में लग जाती है। अंडर ग्रेजुएट के छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं देरी से हुई और परिणाम भी देरी से घाेषित हुआ।