Jammu Kashmir : जम्मू कश्मीर में एकीकृत अरोमा और डेयरी उद्यमिता काे बढ़ावा देने पर बातचीत

डा. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली में पशुपालन डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला से भेंट कर जम्मू-कश्मीर में एकीकृत अरोमा डेयरी उद्यमिता काे बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया। प्रदेश में किसानों की आय में वृद्धि के लिए बेहतर होगा कि अरोमा मिशन के साथ डेयरी भी स्थापित करें।

Lokesh Chandra MishraTue, 21 Sep 2021 06:47 PM (IST)
डा. जितेंद्र सिंह ने पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला से जम्मू-कश्मीर में एकीकृत अरोमा, डेयरी उद्यमिता काे बढ़ावा का मुद्दा उठाया।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली में पशुपालन, डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला से भेंट कर जम्मू-कश्मीर में एकीकृत अरोमा, डेयरी उद्यमिता काे बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर गंभीरता से बातचीत की। डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों की आय में वृद्धि के लिए बेहतर होगा कि वे इत्र उद्योग के लिए फूल उगाने के अरोमा मिशन के साथ डेयरी भी स्थापित करें।

डा. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में दुधारू पशुओं व दुग्ध उत्पादों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में डेयरी को अरोमा मिशन के साथ जोड़कर खेती से जुड़े लोगों की तरक्की की जा सकती है। अरोम मिशन के तहत प्रदेश में लेवेंडर के फूलों की खेती के लिए नील लोहित (पर्पल) क्रांति का हवाला देते हुए डा. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इससे कई किसानों की तकदीर बदली है। वे अब लेवेंडर की खेती कर अधिक कमाई कर रहे हैं। इसके साथ अगर वे डेयरी भी लगाएं तो उनकी कमाई और भी ज्यादा हो जाएगी।

इस मिशन को कामयाब बनाने के लिए काउंसिल आफ इंडस्ट्रियल एंड साइंटिफिक रिसर्च व इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इंटेग्रेटिव मेडिसिन जम्मू काम कर रहे हैं। यूरोप की तर्ज पर डोडा, किश्तवाड़ व राजौरी जिले में इस मिशन के तहत काम हो रहा है। वहीं अरोमा मिशन के बारे में डा. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे किसानों की बेहतरी के लिए शुरू किया था। मिशन के तहत किसानों को फूलों के पौधे उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें फूलों से तेल निकालने के उपकरण भी दिए गए हैं। ऐसे में फूल उगाने के साथ कई लोग इसका तेल निकालने का काम कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं।

किसान लेवेंडर की खेती करने के साथ अन्य कई फूल व औषधीय पौधे भी लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रयोगशालाओं के शोध काे किसानों तक पहुंचाने के लिए काउंसिल आफ इंडस्ट्रियल एंड साइंटिफिक रिसर्च व इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इंटेग्रेटिव मेडिसिन जम्मू कश्मीर में सराहनीय काम कर रहा है।

युवाओं को स्वयंरोजगार स्थापित करने के लिए जागरूक करने के साथ अरोमा मिशन से जड़े युवाओं, किसानों का हौसला बढ़ाया जा रहा है। इस संस्थान को कैंसर की रोकथाम के लिए भांग पर शोध करने का प्रमाणपत्र मिला है। कोरोना से उपजे हालात में इस संस्थान की ओर से कोरोना के करीब एक लाख टेस्ट किए गए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.