Jammu Kashmir: डा. फारूक अब्दुल्ला को जागा तालिबान प्रेम, बोले- भारत को अफगानिस्‍तान शासकों से करनी चाहिए बात

डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान में पिछले शासन के दौरान विभिन्न परियोजनाओं पर अरबों रुपये खर्च कर दिए हैं। अब हमें मौजूदा अफगान शासकों से बात करनी चाहिए। जब हमने अफगानिस्तान में इतना निवेश कर दिया है तो उनसे संबंध रखने में क्या हर्ज है।

Vikas AbrolSat, 25 Sep 2021 03:06 PM (IST)
नेशनल कांफ्रेंस के नेता एवं पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डा फारूक अब्दुल्ला

जम्मू, जेएनएन। नेशनल कांफ्रेंस के नेता एवं पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डा फारूक अब्दुल्ला में अब तालिबान के प्रति प्रेम जागा है। उन्होंने कहा कि तालिबान अब अफगानिस्तान में सत्ता में है। ऐसे में हमें यानि की भारत को तालिबान शासकों से बात करनी चाहिए।

डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान में पिछले शासन के दौरान विभिन्न परियोजनाओं पर अरबों रुपये खर्च कर दिए हैं। अब हमें मौजूदा अफगान शासकों से बात करनी चाहिए। जब हमने अफगानिस्तान में इतना निवेश कर दिया है तो उनसे संबंध रखने में क्या हर्ज है। 

Taliban is in power in Afghanistan now. India spent billions on different projects during the last regime in Afghanistan. We should talk to the current Afghan regime. When we've invested so much in the country so what's the harm in keeping relations with them?: Farooq Abdullah,NC

-ANI (@ani) 25 September 2021

यहां यह बता दें कि इससे पहले गत छह सितंबर को डा फारूक अब्दुल्ला ने बयान दिया था कि इस्लामिक नियमों के अनुसार, तालिबान अच्छा शासन करेगा लेकिन तालिबान को मानवाधिकारों का सम्मान करना चाहिए। फारूक के इस बयान के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी तालिबान के बारे कुलगाम जिला के अखरान गांव में बयान दिया था कि तालिबान अब हकीकत है। तालिबान को अब अफगानिस्तान में सही शरीयत कानून लागू करना चाहिए।

इस बयान के उपरांत भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने महबूबा मुफ्ती के खिलाफ विरोश प्रदर्शन किया था। इन पार्टी के नेताओं का कहना था कि महबूबा मुफ्ती के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। इतना ही नहीं महबूबा की गिरफ्तारी की भी नेताओं ने मांग की थी। नेताओं का कहना था कि अफगानिस्तान व तालिबान का नाम लेकर महबूबा मुफ्ती कश्मीर में हालात बिगाड़ना चाहती हैं। वह युवाओं को बहकाकर आतंकवाद के रास्ते पर लाना चाहती है। यही वजह है कि वह आए दिन विवादित बयान दे रही हैं। हालांकि अब फारूक अब्दुल्ला द्वारा तालिबान के साथ बातचीत के बयान को लेकर भी आने वाले दिनों में राजनीतिक पार्टियां उनके खिलाफ प्रदर्शन कर सकती हैं।

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