जम्मू कश्मीर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों का रुझान हो रहा है कम, जानिए क्या है वजह

जम्मू कश्मीर के प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले साल भी काफी सीटें खाली रह गई थी

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। काफी कम संख्या में विद्यार्थियों के आवेदन के बाद बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन ने कामन एंट्रेंस टेस्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल 2021 तक बढ़ा दिया।

Vikas AbrolSun, 18 Apr 2021 02:39 PM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। काफी कम संख्या में विद्यार्थियों के आवेदन के बाद बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन ने कामन एंट्रेंस टेस्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल 2021 तक बढ़ा दिया है। पिछले चार पांच साल से विद्यार्थियों का रुझान जेईई मेन और प्रधानमंत्री विशेष स्कालरशिप योजना की तरफ अधिक बढ़ गया है।

जम्मू कश्मीर के प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले साल भी काफी सीटें खाली रह गई थी मगर प्रधानमंत्री विशेष स्कालरशिप योजना को लेकर युवाओं ने भारी उत्साह दिखाया था। वहां पर काफी कड़ी प्रतिस्पर्धा रही थी। कोरोना के कारण पिछले साल एंट्रेंस टेस्ट नहीं हो पाया था और 12वीं कक्षा में अंकों के मेरिट पर दाखिले किए गए थे। इस बार भी कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो एंट्रेंस टेस्ट की संभावना समाप्त हो जाएगी।

बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन के कामन एंट्रेंस टेस्ट में चार पांच साल पहले कड़ी प्रतिस्पर्धा होती थी। 10 से 15 हजार के बीच विद्यार्थी आवेदन करते थे लेकिन अब जेईई मेन परीक्षा देकर जम्मू कश्मीर के बाहर प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थी अधिक उत्साह दिखाई दे रहे हैं। इसका एक कारण यह भी है कि बाहरी राज्यों में प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर काफी बेहतर है। इसके विपरीत पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स के लिए तो काफी सीटें भरी नहीं जा रही है।

जेईई मेन परीक्षा देकर इंजीनियरिंग कर रहे छात्र विपिन ने कहा कि अब विद्यार्थियों का रुझान देश के प्रतिष्ठित कॉलेजों की तरफ अधिक बढ़ गया है। कॉलेज भी काफी खुल गए है। अब संभावनाएं अधिक है। नेहा शर्मा ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के अलावा दक्षिण भारत में काफी अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज है और वहां पर जम्मू कश्मीर के छात्रों को प्रधानमंत्री विशेष स्कालरशिप योजना के तहत निशुल्क पढ़ाई का मौका मिल रहा है।  

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