Amrit Mahotsav : श्रीनगर के मेयर ने जम्मू-कश्मीर की भौतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया

जम्मू कश्मीर पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस साप्ताहिक महोत्सव की शुरुआत श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने शेरे कश्मीर इटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एसकेआईसीसी में सूफी उत्सव-जम्मू कश्मीर की आत्मा के उद्घाटन से की।मुख्य अतिथि मट्टू ने जम्मू-कश्मीर की भौतिक और सांस्कृतिक विरासत दोनों के संरक्षण पर जोर दिया।

Lokesh Chandra MishraSun, 24 Oct 2021 03:14 PM (IST)
भाषा अकादमी के सहयोग से रहस्यवाद पर एक प्रवचन कार्यक्रम ‘अगाज-ए-निशास्त‘ का आयोजन किया गया।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की शृंखला में शनिवार को केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में साप्तहाकि पर्यटन महोत्सव- आइकानिक वीक का शुभारंभ हुआ। जम्मू कश्मीर पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस साप्ताहिक महोत्सव की शुरुआत श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने शेरे कश्मीर इटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एसकेआईसीसी में सूफी उत्सव-जम्मू कश्मीर की आत्मा के उद्घाटन से की। इस अवसर पर पर्यटन सचिव सरमद हफीज, श्रीनगर के उपायुक्त मोहम्मद अजाज असद, निदेशक पर्यटन कश्मीर डा. जीएन इट्टू भी उपस्थित थे।

कला सांस्कृतिक और भाषा अकादमी के सहयोग से रहस्यवाद पर एक प्रवचन कार्यक्रम ‘अगाज-ए-निशास्त‘ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक रहस्यवादी गैलरी की स्थापना की गई, जहां पारंपरिक कलाकृतियों, पांडुलिपियों, कुरान और भगवत गीता की दुर्लभ प्रतियों के अलावा समृद्ध सूफी साहित्य, 19वीं सदी के तांबे, पीतल के बर्तन और 19वीं सदी के वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि मट्टू ने जम्मू-कश्मीर की भौतिक और सांस्कृतिक विरासत दोनों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हमें पूर्वजों से क्या विरासत में मिला है और हम अपनी अगली पीढ़ियों को क्या देते हैं। जम्मू-कश्मीर के पास समृद्ध सांस्कृतिक खजाना है और पूरी दुनिया में इसकी कोई सानी नहीं हैं।

मट्टू ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी हमारी विरासत, संस्कृति, भाषाओं को संरक्षित करना है जो हमारी पहचान है और इसे हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। इस तरह के आयोजनों के महत्व पर जोर देते हुए मेयर ने श्रीनगर में कवियों, सूफी संस्कृति, साहित्य पर सूफी त्योहारों जैसे और अधिक कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। सचिव पर्यटन और संस्कृति, सरमद हफीज ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को सभी मौसमों के पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित सप्ताह का आयोजन किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सप्ताह भर चलने वाले समारोह के दौरान जम्मू-कश्मीर के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर हमारी कला, संस्कृति, भोजन, कलाकृतियों, पांडुलिपि, धार्मिक पर्यटन कार्यक्रमों को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 75 अनछुए पर्यटन स्थलों पर सूफी उत्सव भी आयोजित करेगी। इस अवसर पर ‘ए जर्नी थ्रू मिस्टिक कश्मीर‘ पर एक वृत्तचित्र ‘पीर-वार‘ भी प्रस्तुत किया गया। बाद में पैनलिस्ट द्वारा अन्य अतिथियों को सम्मानित किया गया और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

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