Jammu Kashmir : अकादमिक, तकनीक व रिसर्च का प्रमुख केंद्र बनने की तरफ अग्रसर है एसएमवीडीयू

श्री माता वैष्णो देवी श्राईन बोर्ड से पैसे की कमीसे करीब 35 करोड़ रुपये का स्पोर्टस का बड़ा प्रोजेक्ट अटका है। हम इसे जम्मू कश्मीर सरकार के पास उठा रहे हैं। हमारी मांग है कि इसे अधर में लटके पडे़ प्रोजेक्ट में शामिल करके पूरा किया जाए।

Rahul SharmaThu, 16 Sep 2021 11:28 AM (IST)
साल 2004 से लेकर 2019 तक विश्वविद्यालय को सरकार से मात्र 1.70 करोड़ रुपये मिले।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : त्रिकूटा पहाड़ियों की गोद में स्थापित श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय कटड़ा (एसएमवीडीयू) को अकादमिक, तकनीक व रिसर्च का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए जम्मू कश्मीर सरकार दिल खोल कर मदद दे रही है। हालांकि विश्वविद्यालय का वित्तीय संसाधनों का प्रमुख जरिया श्री माता वैष्णो देवी श्राईन बोर्ड ही है मगर कोरोना से उपजे हालात के कारण करीब पिछले दो सालों से धनराशि की रफ्तार कम हो गई मगर सरकार आगे आ गई।

उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 13 प्रोजेक्ट मंजूर किए है जो विश्वविद्यालय को आने वाले समय में बुलंदी पर ले जाने में मददगार साबित होंगे। इनमें मुख्य तौर पर बीस लाख की लागत से टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब, 9.50 लाख की लागत से जम्मू संभाग के डिग्री कालेजों के विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता कार्यक्रम, जम्मू संभाग के कालेजों के विद्यार्थियों के लिए दस करोड़ रुपये की लागत से ट्रांस डिस्पलिनरी रिसर्च एंड इनोवेशन हब, जम्मू संभाग के डिग्री कालेजों और श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 16.5 करोड़ की लागत वाला हा. एंड कम्पयूटिंग आर्टिफिशयल इंटेलीजेेंसी एंड डीप लर्निंग सेंटर, दो नए हाॅस्टल, टीचिंग फैक्लिटी के लिए आवासीय क्वार्टर, 76 लाख की लागत से सीवी रमन चेयर इन फिजिकल साइंस शामिल हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय की चाहरिदवारी, नाले पर फैसिंग, पीएचडी स्कालरों के आवासीय सुविधा के प्रोजेक्ट भी शामिल है।

वाइस चांसलर प्रो. रविंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि मैने कई बार सरकार के साथ विवि की फंडिंग का मामला उठाया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएं हैं। रिसर्च, अकादमिक, तकनीक, ढांचागत सुविधाओं के प्रोजेक्ट मंजूर हुए हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राईन बोर्ड से पैसे की कमीसे करीब 35 करोड़ रुपये का स्पोर्टस का बड़ा प्रोजेक्ट अटका है। हम इसे जम्मू कश्मीर सरकार के पास उठा रहे हैं। हमारी मांग है कि इसे अधर में लटके पडे़ प्रोजेक्ट में शामिल करके पूरा किया जाए। यह राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्टस का प्रोजेक्ट है जिसमें सारी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होगी। साल 2004 से लेकर 2019 तक विश्वविद्यालय को सरकार से मात्र 1.70 करोड़ रुपये मिले।

खुशी व संतुष्टि की बात यह है कि सरकार से धनराशि मिल रही है। हमने आवाज उठाई। अब तो बजट में शामिल किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय का विकास बहुत जरूरी है। इसमें हमने नए विषय शुरू करने हैं। सरकार की मदद की जरूरत है। गर्ल्स व ब्वॉयज के लिए एक एक हॉस्टल बनाया जाएगा। इनमें तीन तीन सौ विद्यार्थियों की क्षमता होगी। विश्वविद्यालय में इस समय करीब 2500 विद्यार्थी है।

नए कोर्स के साथ हम विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाएंगे। कोरोना से उपजे हालात के बीच साल 2019-20 के दौरान सरकार ने वेतन के लिए 7 करोड़ और साल 2020-21 के लिए 26 करोड़ दिए। प्रो. सिन्हा ने कहा कि हमारी कोशिश विद्यार्थियों को गुणवत्ता वाली शिक्षा देने की है। विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार आ रहा है।

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