Amarnath Yatra 2021 : श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं का वापस होगा शुल्क

Amarnath Yatra 2021 कोई भी यात्री किसी दूसरे यात्री या फिर अपने किसी करीबी पंजीकृत साथी का पंजीकरण शुल्क वापस नहीं ले सकेगा।तीर्थयात्रा 2022 के लिए यात्रा परमिट को वैध कराने का विकल्प भी 2021 की यात्रा के लिए पंजीकृत श्रद्धालुओं के लिए खुला रखा है।

Rahul SharmaSat, 25 Sep 2021 08:14 AM (IST)
करीब 80 लाख श्रद्धालुओं ने जियो टीवी पर श्री अमरनाथ जी चैनल पर पवित्र गुफा के वर्चुअल दर्शन किए हैं।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो  : श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा-2021 के लिए पंजीकरण कराने वाले सभी श्रद्धालुओं का पंजीकरण शुल्क वापस होगा। अगर श्रद्धालु चाहें तो वह पंजीकरण शुल्क वापस लेने के बजाय वर्ष 2022 की तीर्थयात्रा के लिए अपने यात्रा परमिट को वैध करा सकते हैं। अलबत्ता, यात्रा परमिट अभी नहीं, अगले वर्ष पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने पर ही वैध किया जाएगा।

इस वर्ष श्री अमरनाथ तीर्थयात्रा 28 जून से 22 जुलाई तक होनी थी। इसके लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने पहली अप्रैल 2021 को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित जम्मू कश्मीर बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और येस बैंक की लगभग 446 शाखाओं में श्रद्धालुओं के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसे बाद में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर बंद कर दिया गया था। बाद में तीर्थयात्रा को भी रदद कर दिया गया और सिर्फ पवित्र छड़ी मुबारक ही धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के लिए श्री अमरेश्वर गुफा में पहुंची।

श्राइन बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि जिन श्रद्धालुओं ने बैंक के जरिए तीर्थयात्रा के लिए पंजीकरण कराया था, वह पहली अक्टूबर 2021 से 31 अक्टूबर 2021 तक संबंधित बैंक शाखा में जाकर अपना पंजीकरण शुल्क वापस ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें बैंक शाखा द्वारा जारी यात्रा परमिट की असल प्रति के साथ एक आवेदन भी जमा कराना होगा। प्रत्येक यात्री को अपना ही पंजीकरण शुल्क मिलेगा, कोई भी यात्री किसी दूसरे यात्री या फिर अपने किसी करीबी पंजीकृत साथी का पंजीकरण शुल्क वापस नहीं ले सकेगा।

प्रवक्ता ने बताया कि बोर्ड ने तीर्थयात्रा 2022 के लिए यात्रा परमिट को वैध कराने का विकल्प भी 2021 की यात्रा के लिए पंजीकृत श्रद्धालुओं के लिए खुला रखा है। अगर कोई पंजीकृत श्रद्धालु अपना पंजीकरण शुल्क वापस नहीं लेना चाहता है और वह अगले वर्ष तीर्थयात्रा में शामिल होने का इच्छुक है तो वह अपने मौजूदा यात्रा परमिट को संभाल कर रखे। अगले वर्ष जैसे ही पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी, वह इस वर्ष जारी यात्रा परमिट को संबधित बैंक शाखा में जाकर वैध करा सकता है और तीर्थयात्रा के लिए अनुमति प्राप्त कर सकता है।

प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना के कारण पवित्र गुफा में विराजमान भगवान शिव और मां पार्वती की सुबह-शाम होने वाली आरती के सीधे प्रसारण भी बोर्ड ने व्यवस्था की थी। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए वर्चुअल पूजा, हवन और आनलाइन प्रसाद वितरण का भी प्रबंध किया था। करीब 80 लाख श्रद्धालुओं ने जियो टीवी पर श्री अमरनाथ जी चैनल पर पवित्र गुफा में विराजमान बाबा बर्फानी के वर्चुअल दर्शन किए हैं। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.