Ghulam Nabi Azad : जम्मू कश्मीर में आजाद समर्थकों को झटका, महाराष्ट्र राज्यसभा सीट की पाटिल होंगी उम्मीदवार

आजाद के राज्यसभा में न जाने से मीर के खेमे को मजबूती मिलेगी। लम्बे समय तक आजाद राज्यसभा में रहे है साथ ही राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी ऐसे में पार्टी हाईकमान का फैसला आजाद समर्थकों के लिए झटके से कम नहीं है।

Rahul SharmaTue, 21 Sep 2021 07:59 AM (IST)
प्रदेश प्रधान जीए मीर व रजनी पाटिल के खेमे में उत्साह है।

जम्मू, राज्य ब्यूरो: महाराष्ट्र से राज्यसभा की सीट के लिए कांग्रेस की जम्मू कश्मीर प्रभारी रजनी पाटिल को उम्मीदवार बनाने के पार्टी हाईकमान के फैसले से जम्मू कश्मीर में गुलाम नबी आजाद समर्थकों को झटका लगा है। भले ही रजनी पाटिल जम्मू कश्मीर की प्रभारी है मगर जम्मू कश्मीर में पार्टी में गुलाम नबी आजाद की भूमिका बहुत ही अहम है।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री रहे आजाद को जम्मू कश्मीर में अपना खेमा है जिसमें उनका समर्थन करने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है। ये वो नेता है जो जम्मू कश्मीर में रजनी पाटिल की बैठक में शामिल होने से कतराते रहे है। मुख्य तौर पर आजाद का समर्थन करने वालों में पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पूर्व मंत्री जुगल किशोर, पूर्व मंत्री जीएम सरूरी, आदि शामिल हैं।

अगस्त व सितंबर में राहुल गांधी के कश्मीर व जम्मू दौरे के दौरान गुलाम नबी आजाद भी पहुंचे और उन्होंने राहुल गांधी को अपनी सक्रियता का अहसास भी करवाया। रैलियों में कार्यकर्ताओं का उत्साह आजाद के पक्ष में देखने को अधिक मिला। अब पार्टी हाईकमान के फैसले से आजाद समर्थक काफी निराश है। प्रदेश प्रधान जीए मीर व रजनी पाटिल के खेमे में उत्साह है। आजाद के राज्यसभा में न जाने से मीर के खेमे को मजबूती मिलेगी। लम्बे समय तक आजाद राज्यसभा में रहे है साथ ही राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी, ऐसे में पार्टी हाईकमान का फैसला आजाद समर्थकों के लिए झटके से कम नहीं है।

पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की प्रभारी रजनी पाटिल को राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस फैसले ने पार्टी के असंतुष्ट खेमे के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की फिलहाल राज्यसभा में लौटने की गुंजाइश खत्म कर दी है।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस में आजाद के कद का कोई और नेता नहीं है लेकिन पार्टी हाईकमान के फैसले से आजाद के राजनीतिक सफर को कमजोर किया है। भविष्य में जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी होने वाले है। ऐसे में अगर आजाद की भूमिका को कम किया गया तो पार्टी को फर्क पड़ सकता है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि रजनी पाटिल को उम्मीदवार बनाया जाना सराहनीय कदम है। निश्चित तौर पर पार्टी को जम्मू कश्मीर में फायदा मिलेगा। रही बात गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाए जाने की तो अभी अन्य राज्यों से सूचियों का इंतजार है। वहां से स्थिति साफ होगी।

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