Infiltration in Poonch : पुुंछ में तीन माह से छिपे हैं आतंकी, तलाश में दिन-रात डटे हैं जवान

Infiltration in Poonch आतंकी हमले में सेना की जिस यूनिट के जवान शहीद हुए उसके अधिकतर जवान तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं। इन जवानों को उस पल का इंतजार है जब वह आतंकियों को सामने से मार गिराएंगे।

Rahul SharmaWed, 13 Oct 2021 07:38 AM (IST)
जंगल में तीन से चार आतंकियों के मौजूद होने की सूचना सुरक्षाबलों को मिल रही है।

राजौरी, गगन कोहली : पुंछ जिले की डेरा की गली के पास चमरेड के जंगल में एक से दो आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। ये आतंकी पिछले दो से तीन माह से इस इलाके में हैं। जंगल में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे भी गोलियों की आवाज सुनाई दी थी। इससे आशंका है कि आतंकी यहां छिपे हैं। आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबल डेरा की गली, चमरेड, भंगाई आदि क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इन्हें एक जगह विशेष तक सीमिति कर दिया गया है। सेना व पुलिस के उच्च अधिकारी क्षेत्र में मौजूद हैं।

जंगल में छिपे आतंकियों ने सोमवार को घात लगाकर सुरक्षाबल के जवानों पर हमला किया था। ये जवान जंगल में आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद तलाशी अभियान के लिए निकले थे। इस हमले में नायब सूबेदार सहित पांच जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से ही तकरीबन सात वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सेना व पुलिस के अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आतंकियों को ढेर कर दिया जाएगा।

जंगल में तीन से चार आतंकियों के मौजूद होने की सूचना सुरक्षाबलों को मिल रही है। सूत्रों का कहना है कि इस आतंकी दल में एक से दो स्थानीय आतंकी भी मौजूद हो सकते हैं और गजनवी फोर्स से संबंधित हैं। अगर इस दल में कोई स्थानीय आतंकी है तो यह क्षेत्र के लिए बड़ी खतरे की घंटी हो सकती है। यह क्षेत्र आतंक का गढ़ रहा है। यह क्षेत्र मुगल रोड पर है और चंद ही घंटों में यहां से कश्मीर घाटी में प्रवेश किया जा सकता है।

आतंकियों को सामने से मार गिराने का जज्बा : आतंकी हमले में सेना की जिस यूनिट के जवान शहीद हुए, उसके अधिकतर जवान तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं। इन जवानों को उस पल का इंतजार है जब वह आतंकियों को सामने से मार गिराएंगे। कुछ जवानों ने बातचीत में कहा कि आतंकियों ने छिप कर हमला करके हमारे पांच साथियों को शहीद कर दिया। इस वारदात में शामिल एक-एक आतंकी को जब तक मौत के घाट नहीं उतार देते, तब तक जवान चैन से नहीं बैठेंगे। हमें अपने साथियों की शहादत का बदला लेना है।

घना जंगल और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के चलते आपरेशन में आगे कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई : राजौरी-पुंछ रेंज के डीआइजी विवेक गुप्ता ने कहा कि डेरा की गली में छिपे आतंकी पिछले दो से तीन माह से क्षेत्र में हैं। तलाशी अभियान के दौरान अब इन्हें एक विशेष क्षेत्र तक सीमित कर दिया गया है। इन आतंकियों ने ही सोमवार को घात लगाकर हमला किया था। आतंकियों के एक दल से दोबारा दूसरी जगह सामना हुआ है। घना जंगल और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के चलते आपरेशन में आगे कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। जिस क्षेत्र में आतंकियों से सामना और हमला हुआ, वह एक ही क्षेत्र में है। आतंकियों को जल्द ढेर कर दिया जाएगा। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि आतंकवादियों को कोई स्थानीय समर्थन मिल रहा है।

ड्रोन से नजर, पैरा कमांडो भी उतारे : डेरा की गली के आसपास के क्षेत्रों में आतंकियों की तलाश में ड्रोन से चप्पे-चप्पे की निगरानी रखी जा रही है। घने जंगल में भी सेना द्वारा लगातार ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं। आतंकियों के खात्मे के लिए सेना के अपने पैरा कमांडो भी उतार दिए है ताकि अभियान को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके। यह कमांडो अति आधुनिक हथियारों से लैस हैं। 

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