Jammu Kashmir: खुशहाल जम्मू-कश्मीर के सपने को लखनपुर में लग रहा ग्रहण, पंजाब से हो रही ईंटों की तस्करी

ईंटों की तस्करी को रोकने के लिए जम्मू व कठुआ के डिप्टी कमिश्नर कमेटी भी गठित कर चुके है।

ईंट भट्ठा मालिकों ने प्रशासन से एक बार फिर इस तस्करी को बंद करने की मांग करते हुए कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो जम्मू संभाग के करीब 300 भट्ठे बंद हो जाएंगे और इससे 50 हजार लोगों के रोजगार पर संकट आ जाएगा।

Publish Date:Wed, 28 Oct 2020 04:50 PM (IST) Author: Rahul Sharma

जम्मू, जागरण संवाददाता। अनुच्छेद 370 व 35ए समाप्त हो चुका है और अब केंद्र सरकार ने भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधी कानूनों में संशोधन भी कर दिया है जिससे देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीद सकता है। केंद्र सरकार एक खुशहाल जम्मू-कश्मीर का सपना साकार करने के लिए यह सकारात्मक कदम उठा रही है लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ ताकतें ऐसी भी है जो ऐसे काले कारनामें कर रही है जिससे सरकार के इन कदमों के प्रति स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त हो और जनता सरकार के फैसलों के विरुद्ध खड़ी हो जाए।

ऐसा ही कुछ इन दिनों जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में हो रहा है। जम्मू-कश्मीर ईंट भट्ठा कानून के तहत यह प्रावधान है कि बाहरी राज्य का कोई भी व्यापारी जम्मू-कश्मीर में ईंट लाकर नहीं बेच सकता। कानून के तहत लाइसेंस प्राप्त लोग ही ईंट बना व बेच सकते है लेकिन जब से लखनपुर टोल टैक्स समाप्त हुआ है, पंजाब से ईंटों की भारी तस्करी हो रही है। सरकार ने लखनपुर टोल टैक्स चाहे समाप्त कर दिया हो लेकिन कानून के तहत स्थानीय ईंट भट्ठा उद्योग को संरक्षण प्राप्त है। इसके बावजूद लखनपुर में कुछ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से ईंटों के ट्रक लखनपुर से आ रहे है जिससे स्थानीय उद्याेग को काफी नुकसान पहुंच रहा है।

ईंटों की इस तस्करी को रोकने के लिए जम्मू व कठुआ के डिप्टी कमिश्नर बकायदा एक कमेटी भी गठित कर चुके है। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट भी प्रशासन को यह तस्करी बंद करवाने के निर्देश दे चुका है, इसके बावजूद तस्करी जारी है। जानकारों की माने तो ऐसा इसलिए भी हो रहा है कि स्थानीय लोगों, विशेषकर व्यापारियों व उद्योगपतियों में यह संदेश जाए कि केंद्र सरकार का अनुच्छेद 370 व 35 ए समाप्त करना कितना गलत साबित हो रहा है। किस प्रकार पड़ोसी राज्यों के कारोबारी स्थानीय कारोबार को खा जाएंगे।

वहीं ईंट भट्ठा मालिकों ने प्रशासन से एक बार फिर इस तस्करी को बंद करने की मांग करते हुए कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो जम्मू संभाग के करीब 300 भट्ठे बंद हो जाएंगे और इससे 50 हजार लोगों के रोजगार पर संकट आ जाएगा। 

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