प्राइवेट स्कूलों की मनमर्जी के खिलाफ प्रदर्शन

जागरण संवाददाता, जम्मू :

प्राइवेट स्कूलों द्वारा बार-बार दाखिले के नाम पर पैसे वसूलने का विरोध में डोगरा संगठन ने डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि प्राइवेट स्कूलों की लूटखसोट जारी है। अभी भी स्कूलों का हर वर्ष रि-एडमिशन का सिलसिला जारी है। विद्यार्थियों से ट्यून फीस के अलावा हर महीने भारी भरकम कम्प्यूटर फीस बसूली जाती है। कई तरह के चार्ज लिए जाते हैं। प्राइवेट स्कूल पूरी तरह से व्यवसायिक केंद्र बनते जा रहे है और सरकार मूक दर्शक बनी तमाशा देख रही है।

डोगरा संगठन के प्रधन अमित कटोच ने कहा कि वर्षो से प्राइवेट स्कूलों की लूट के मामले सरकार के सामने उठाए जा रहे हैं लेकिन सरकार कोई इन संस्थानों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती। हालत यह है कि स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर भी कोई नियम नहीं है। दूसरे स्टाफ को भी लेबर लॉ के तहत कोई लाभ नहीं मिलता। इतना ही नहीं बहुत से स्कूलों में अध्यापकों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता। ऐसे में यह अध्यापक बच्चों के साथ कैसे न्याय कर सकते हैं। पूरा ढांचा ही बिगड़ा हुआ और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक सभी चीजें ट्रैक पर नहीं लाई जाती। उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

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