Jammu Kashmir: स्कूली पाठ्यक्रम की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू, विशेषज्ञ जल्द सौंपेंगे अपनी रिपोर्ट

New Education Policy In Jammu Kashmir विशेषज्ञों ने इंग्लिश मैथमेटिक्स सोशल साइंस और साइंस भाषाओं के अलावा उर्दू पंजाबी डोगरी छीना भाषा के दसवीं ग्यारहवीं बारहवीं कक्षा के पाठ्यक्रम की समीक्षा की। इस संबंध में विशेषज्ञ जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंंगे।

Rahul SharmaMon, 02 Aug 2021 07:55 AM (IST)
कार्यशाला का आयोजन जम्मू-कश्मीर स्टेट काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने किया था।

जम्मू, राज्य ब्यूरो: नई शिक्षा नीति 2020 के तहत जम्मू-कश्मीर में स्कूली पाठ्यक्रम की समीक्षा और उसमें बदलाव किया जाएगा। इस सिलसिले में जम्मू-कश्मीर बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन की टेक्स्ट पुस्तकों की समीक्षा के लिए चार दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जो आज संपन्न हो गई जिसमें शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यशाला का आयोजन जम्मू-कश्मीर स्टेट काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने किया था। विशेषज्ञों ने इंग्लिश, मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और साइंस भाषाओं के अलावा उर्दू, पंजाबी ,डोगरी, छीना भाषा के दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं कक्षा के पाठ्यक्रम की समीक्षा की। इस संबंध में विशेषज्ञ जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंंगे।

एससीईआरटी कश्मीर संभाग के संयुक्त निदेशक शमशुद्दीन भट्ट ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम की समीक्षा की जा रही है और इसलिए यह कार्यशाला आयोजित की गई थी उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध करवाने में काम किया जा रहा है और ऐसा पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा जो विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करें उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

जिला यूथ सेंटर स्थापित करेगा मिशन यूथ: मिशन यूथ जम्मू कश्मीर ने जिलों में जिला यूथ सेंटर और मानसिक सामाजिक काउंसलिंग केंद्र स्थापित करने के लिए कांफ्रेंस आयोजित की। इसके साथ ही मिशन यूथ शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन में युवाओं की सक्रिय भूमिका के लिए भी कदम उठाएगा। मिशन यूथ जम्मू कश्मीर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. शाहिद इकबाल चौधरी ने कांफ्रेंस की अध्यक्षता की। चौधरी ने कहा कि जिला यूथ केंद्रों में युवाओं को काफी कुछ सीखने का मौका मिलेगा। काउंसलिंग दी जाएगी। कौशल विकास का प्रशिक्षण देने की पहल होगी। नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी। युवाओं के साथ एक महीने के कार्यक्रम जिला स्तर पर किए जाएंगे। फिर यह कार्यक्रम ब्लाक व पंचायत स्तर पर किए जाएंगे। पहले चरण में दस जिलों में यूथ सेंटर बनाए जाएंगे। मानसिक सामाजिक काउंसलिंग केंद्र जम्मू व कश्मीर के चार चार जिलों में स्थापित होंगे। इन केंद्रों में तनाव प्रबंधन कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन कार्यक्रम भी होंगे।

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