Jammu Kashmir: अब पाकिस्तान ने अखनूर सेक्टर में ड्रोन से भेजे हथियार

मंगलवार सुबह तड़के पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के अखनूर सेक्टर में पाक रेंजरों ने ड्रोन से हथियार भेजे।
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 01:09 PM (IST) Author: Rahul Sharma

जम्मू, दिनेश महाजन: केन्द्रीय शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में आतंक की आग को भड़का कर रखने के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा। सीमापार से लगातार हथियारों को ड्रोन की मदद से पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में भेज रहा हैं। हाल हीं में ड्रोन से हथियार भेजने की घटनाओं में तेजी आई हैं।

मंगलवार सुबह तड़के पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के अखनूर सेक्टर में पाक रेंजरों ने ड्रोन से हथियार भेजे। अंतर राष्ट्रीय सीमा पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने ड्रोन की गतिविधि को देखा और इलाके में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान अखनूर के सोहल गांव में पुलिस ने हथियारों को जखिरा बरामद किया। बरामद हथियारों में दो एके 56 राइफल, दो पिस्तौल और इन घायल हथियारों के साथ चलाने के लिए मैगजीन और राउंड भी भेज गए थे। अखनूर सेक्टर में हथियार मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस, सेना की 9 पैरा और बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। हथियारों को फिलहाल अखनूर पुलिस ने जब्त कर लिया हैं।

एके 47 राइफल तीन मैगजीन, एक चीन में बनी पिस्तौल उसके दो मैगजीन बरामद हुए। पुलिस अब उन लोगों का पता लगाने में जुट गई है, कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से यह हथियार किस के लिए भेजे थे। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सर्वलांस को बढ़ा दिया गया हैं। सीमा के आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय आतंकियों के मददगारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही हैं।

 तीन दिनों पूर्व राजौरी में ड्रोन से गिराए थे हथियार : पाकिस्तान ने 19 सितंबर को जम्मू संभाग के राजौरी इलाके में ड्रोन के जरिए हथियार और भारतीय रुपये गिराई थी। हथियार और पैसे उठाने वाले लश्कर के तीन आतंकियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ की जा रही हैं। इससे पूर्व 20 जून को पाकिस्तान ने कठुआ जिला के पनसर पोस्ट पर ड्रोन की मदद से हथियार भेजे थे, लेकिन वहां तैनात सतर्क बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों ने पाकिस्तान ड्रोन को गिरा।

आतंकियों संगठनों के पास हथियारों की कमी : भारत पाकिस्तान से लगती नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर सुरक्षा बलों की चौकसी के चलते पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसएआई) को आतंकियों तक हथियार पहुंचाना कठिन हो गया हैं। आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के पास हथियारों की भारी किल्लत हैं। जिस कारण से इन संगठनों तक हथियार पहुंचाने के लिए पाकिस्तान ड्रोन का प्रयोग कर रहा हैं। एसआईएस एजेंट जम्मू कश्मीर में सक्रिया अपने ओवर ग्राउंड वर्कस की मदद से एलओसी और आई बी पर फेंके गए हथियारों को आतंकियों तक पहुंचाने का जिम्मा सौंपती हैं। 

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