Bovine Smuggling in J&K: पुलिस ने मवेशी तस्कारों से 36 मवेशी मुक्त करवाए, पांच आरोपित गिरफ्तार

जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौकी चोरा इलाके में पुलिस ने नाका लगाया। इस दौरान जम्मू से राजौरी मुगल रोड की ओर से कश्मीर जा रहे ट्रक नंबर जेके03जी-1934 को पुलिस कर्मियों ने जांच के लिए रोका। ट्रक की तलाशी के दौरान उसके अंदर से मवेशी बरामद हुए।

Vikas AbrolThu, 16 Sep 2021 04:11 PM (IST)
मवेशी तस्करी में संलिप्त पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अखनूर पुलिस थाने में मामले को दर्ज किया।

जम्मू, जागरण संवाददाता । अखनूर पुलिस ने मवेशी तस्करी के दो प्रयास को विफल करते हुए 36 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करवाया। मवेशी तस्करी में संलिप्त पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों के विरुद्ध अखनूर पुलिस थाने में मामले को दर्ज किया गया है।

जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौकी चोरा इलाके में पुलिस ने नाका लगाया। इस दौरान जम्मू से राजौरी मुगल रोड की ओर से कश्मीर जा रहे ट्रक नंबर जेके03जी-1934 को पुलिस कर्मियों ने जांच के लिए रोका। ट्रक की तलाशी के दौरान उसके अंदर से मवेशी बरामद हुए। ट्रक सवार मोहम्मद यूसुफ निवासी नौगाम, अनंतनाग और फैजल बशीर निवासी वाटरगाम, अनंतनाग को पुलिस कर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया।

वहीं, चौकी चोरा में ही पुलिस ने एक ट्रक नंबर जेके22-7761 को जांच के लिए रोका। उस ट्रक में से भी 18 मवेशी बरामद हुए। ट्रक में सवार तीन लोगों अहमद शेख निवासी कोकरनाग, मुजीब अहमद निवासी अनंतनाग के अलावा बरकत अली निवासी अखनूर को गिरफ्तार कर लिया। तीनों से पूछताछ की जा रही है मवेशियों को वे कहा से लेकर आए थे और कहा लेकर जाने की फिराक में थे।  

फर्जी सेल डीड पर भूमि बेची, कोर्ट में चालान पेश

भूमि की फर्जी सेल डीड तैयार कर किसी की भूमि बेच देने के मामले में क्राइम ब्रांच जम्मू ने तीन लोगों के विरुद्ध कोर्ट में चालान पेश किया है। जिला सांबा के विजयपुर निवासी अशोक कुमार, राजेश कुमार और ठाकुर दास को मामले का आरोपित बनाया गया है। कोर्ट में दायर चालान में चालान में क्राइम ब्रांच अधिकारियों ने कहा कि तारा सिंह निवासी विजयपुर ने बीते वर्ष शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी विजयपुर इलाके में सात मरला भूमि है। जिसे मामले के तीनों आरोपितों ने फर्जी सेल डीड बना कर बेच डाला था।

आरोपितों ने शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर कर गवाह भी फर्जी पेश किए थे। उन्हें जब धोखाधड़ी का पता चला तब तक काफी देर हो चुकी थी। शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। मामले से जुड़े सरकारी दस्तावेज और सबूतों को जुटाने के बाद आरोपितों के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले के तीनों आरोपितों अशोक कुमार, ठाकुर दास और राजेश कुमार को भी चालान पेश करने के दौरान कोर्ट में पेश किया गया था।

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