Jammu Kashmir: जेल से निकली रोशनी से दीपावली पर रोशन होंगे लोगों के घर

दीपावली में इन मोमबत्तियों की मांग काफी अधिक हो जाती है। जेल में बंद कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए जेल प्रशासन उन्हें मोमबत्तियां बनाने खादी के कपड़े तैयार करने सिलाई कढ़ाई करने संगीत और पेंटिंग सिखाने की ट्रेनिंग देती है

Vikas AbrolThu, 28 Oct 2021 07:35 PM (IST)
मोमबत्तियों को तैयार करने में जिला जेल के कैदी दिन रात मेहनत कर रहे है।

जम्मू, दिनेश महाजन। कभी हाथ में हथियार लेकर अपराध की राह पर चलने वाले हाथ इन दिनों जिला जेल अंबफला में मोम को सांचों में डाल कर उन्हें आकार देने में व्यस्त है। दरअसल दीपावली पर लोग जो अपने घरों को रोशन के लिए मोमबत्तियां जलाते है, उन मोमबत्तियों को तैयार करने में जिला जेल के कैदी दिन रात मेहनत कर रहे है।

कैदियों द्वारा बनाई जा रही मोमबत्तियों की गुणवत्ता बेहतर होने के कारण उनकी वर्ष भर मांग रहती है। लेकिन दीपावली में इन मोमबत्तियों की मांग काफी अधिक हो जाती है। जेल में बंद कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए जेल प्रशासन उन्हें मोमबत्तियां बनाने, खादी के कपड़े तैयार करने, सिलाई कढ़ाई करने, संगीत और पेंटिंग सिखाने की ट्रेनिंग देती है ताकि जेल से रिहा के बाद वह खुद का और अपने परिवार के लिए रोजगार कमा पाए। त्यौहारों में कैदियों द्वारा बुने गए नए वस्त्रों की भी भारी मांग रहती है। मौजूदा समय में जिला जेल अंबफला में छह सौ के करीब कैदी बंद है, जिनमें कई कुख्यात आतंकी भी शामिल है।

वैष्णो देवी भवन के प्रसाद के बैग में जेल में बनते है

कुछ समय पूर्व तक जिला जेल जम्मू में श्री माता वैष्णो देवी भवन में जो प्रसाद चढ़ाया जाता है के लिए बैग बनाए जाते थे। कोरोना कॉल के चलते कच्चे माल की आपूर्ति ना होने के कारण फिलहाल जेल प्रशासन ने जूट के बैग बनाने बंद किए है। जेल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही उन्हें बोर्ड से आर्डर मिलेगा उसके हिसाब से बैग का निर्माण किया जाएगा। जिला जेल में महिला कैदी भी बंद है जो बैग का निर्माण करती है।

प्रति दिन 72 रुपये की देहाड़ी कैदियों को मिलती है

जिला जेल सुप्रिटेंडेंट सलीम अहमद बेग मिर्जा का कहना है कि जेल को सुधार गृह के तौर पर तबदील किया जा रहा है। यदि कारण है जेल में कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। जब वे पूरी तरह से प्रशिक्षित होकर काम करना शुरू कर देते है तो उन्हें प्रति दिन काम करने के एवज में 72 रुपये दिए जाते है। जेल से छूटने के बाद उन्हें उनके द्वारा कमाए गए रुपये को सौंप दिया जाता है।

जिला जेल अंबफला में कैदियों द्वारा तैयार किए गए सामान को बेच कर जेल प्रशासन द्वारा कमाई गई धनराशि

वर्ष : 2020 रुपये

अप्रैल 60588

मई 138784

जून 106277

जुलाई 101252

अगस्त 53510

सितंबर 48308

अक्टूबर 53727

नवंबर 256645

दिवंसर 63712

वर्ष 2021

जनवरी 24817

फरवरी 44621

मार्च 172037

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11,24,276

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बीते वित्तीय वर्ष 2019-20 में जेल प्रशासन ने कोरोनाकाल के बावजूद 09,027,77 रुपये कमाए थे।

 

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