Corona Alert In Jammu Kashmir : मास्क पहनना लोग भूले, कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा

कोरोना को लेकर लापरवाह हो जाने से अब सैनिटाइजर की बिक्री भी बेहद कम हो गई है। जब संक्रमण कहर ढा रहा था तो लोग सैनिटाइजर की बड़ी-बड़ी बोतल खरीदकर लाए लेकिन अब वह उनके घरों में पड़ी है। बाहर जाते समय भी वे सैनिटाइजर नहीं ले जाते।

Mon, 22 Nov 2021 07:18 AM (IST)
कुछ हद तक नियम का पालन कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तो बुरा हाल है।

जागरण संवाददाता, जम्मू : कोरोना महामारी के दौरान देश के अन्य हिस्सों की तरफ जम्मू ने भी बड़ा मुश्किल दौरा देखा। शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों तक में कोरोना ने कहर ढाया। वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे कम होता गया तो लोग लापरवाह हो गया। उनको लगता है कि अब कोरोना से कोई डर नहीं रहा।

शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में लोग ज्यादा लापरवाह हुए हैं। यही लापरवाही फिर से कोरोना संक्रमण को बढ़ा सकती है। वैसे भी करीब एक माह से जम्मू में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। कोरोना महामारी का संकट टलते ही कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना लोग भूल गए हैं। जिन्होंने टीका लगवा लिया है, उन्हें लगता है कि वे संजीवनी ले चुके हैं। ऐसे में अब कोरोना का कौन सा डर। ऐसे में वे जानबूझकर मास्क नहीं पहनते हैं। शहरों में फिर लोग कुछ जागरूक हैं। वे कुछ हद तक नियम का पालन कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तो बुरा हाल है।

यहां कोई भूले-बिसरे ही मास्क पहनता नजर आता है। रविवार को जम्मू-आरएसपुरा रोड पर आरएसपुरा कस्बे के पास से करीब 40 लोगों में से महज पांच लोगों ने ही मास्क पहना था। शहरों में इससे कुछ ज्यादा लोग मास्क पहन रहे हैं। इसकी एक वजह यह है कि शहरों में बिना मास्क पहने मिलने पर पुलिस प्रशासन चालान काट रहा है। इस सख्त की वजह से लोग मास्क पहनकर निकलते हैं, लेकिन फिर भी पचास प्रतिशत से ज्यादा लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं।

आम लोगों के साथ ही प्रशासन भी बरत रहा लापरवाही ग्रामीण इलाकों में पुलिस-प्रशासन सुस्त है। जब तक ऊपर से सख्त निर्देश नहीं आएगा, उनकी नींद नहीं खुलेगी। आरएसपुरा, बिश्नाह, अरनिया, अखनूर, रामगढ़, विजयपुर, प्लांवाला, ज्यौड़ियां आदि सीमावर्ती इलाकों के गांवों में बुरा हाल है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन विभिन्न इलाकों में मेल का आयोजन किया गया, जहां ज्यादातर लोग बिना मास्क पहने आए थे।

झिड़ी में बाबा जित्तो के दरबार में माथा टेकने के लिए हजारों की संख्या में दूसरे राज्यों से लोग आए, लेकिन उनकी कोई कोरोना जांच नहीं की गई। ऐसे में प्रशासन स्वयं लापरवाही बरत रहा है। शहर में दिखाने के लिए प्रशासन कुछ सख्ती करता है, लेकिन जहां बड़े आयोजन होते हैं और हजारों की भीड़ आती है, वहां सख्ती नहीं की जा रही है। पूछने पर तपाक से बोले-कोरोना महामारी है नहीं, तो मास्क पहनने की क्या जरूरत! रविवार को आरएसपुरा से जम्मू जा रहे रिछपाल से जब मास्क नहीं पहनने की वजह पूछी गई तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया, कोरोना महामारी तो खत्म हो गई, फिर मास्क पहनने की क्या जरूरत है। कुछ इसी तरह का जवाब ग्रामीण इलाके से जम्मू में शापिंग करने आए लोगों ने दिया।

कोरोना को लेकर लापरवाह हो जाने से अब सैनिटाइजर की बिक्री भी बेहद कम हो गई है। जब संक्रमण कहर ढा रहा था तो लोग सैनिटाइजर की बड़ी-बड़ी बोतल खरीदकर लाए, लेकिन अब वह उनके घरों में पड़ी है। बाहर जाते समय भी वे सैनिटाइजर नहीं ले जाते। इतना ही नहीं, बार-बार हाथ धोने जैसे सबसे आसान नियम को भी लोग भूल गए हैं। वहीं, विशेषज्ञों की मानें तो अब भी हमें लापरवाह नहीं होना है। मास्क तो पहनना ही चाहिए, दिन में कई बार हाथ भी धोते रहना चाहिए। कोरोना ने जो कहर ढाया उससे सबक लेना चाहिए। कोरोना का वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए सभी जरूरी एहतियाती उपाय अपनाते रहना है।

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