पैंथर्स पार्टी ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

पैंथर्स पार्टी ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

लोग परेशान है। यह वही भाजपा है जो हमेशा से टोल प्लाजा पर राजनीति करती रही है लेकिन अब चुपी साधे हुए है।

Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 01:44 PM (IST) Author: Rahul Sharma

जम्मू, राज्य ब्यूरो: अनुच्छेद 370 समाप्त होने के एक साल पूरा होने पर पैंथर्स पार्टी ने जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग करते हुए धरना दिया। पार्टी मुख्यालय गांधी नगर के बाहर पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता बैनर पकड़ कर धरने पर बैठे।

कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनकर इसकी पहचान को खत्म करने के प्रयास किए है। उन्होंने भाजपा पर जम्मू के लोगों को धोखा देने का आरोप भी लगाया। पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ नहीं है लेकिन जम्मू कश्मीर के विभाजन के खिलाफ है। जम्मू कश्मीर एक ऐतिहासिक राज्य होता था। जम्मू कश्मीर का भारत के साथ विलय महाराजा हरि सिंह ने किया था। डोगरा राज्य का विभाजन करना और फिर केंद्र शासित प्रदेश बनाना किसी भी हाल में इंसाफ नहीं है।

जम्मू के लोगों की आकांक्षाओं का ख्याल नहीं रखा गया। हमारी मांग कायम है कि जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करके विधानसभा के चुनाव करवा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल किया जाए। जम्मू में खुल रहे टोल प्लाजा के मुद्दे पर भाजपा काे घेरते हुए उन्होंने कहा कि लोगों पर लगातार बोझ डाला जा रहा है। लोग परेशान है। यह वही भाजपा है जो हमेशा से टोल प्लाजा पर राजनीति करती रही है लेकिन अब चुपी साधे हुए है। जम्मू के लोग कभी भी माफ नहीं करेंगे।

इस बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज बुधवार को स्पीक अप जे एंडके अभियान को शुरु कर दिया है। पार्टी इस अभियान के तहत अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू कश्मीर के विभाजन पर लोगों की राय ले रही है। लोगों की राय को सोशल मीडिया पर डाला जा रहा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि हमारे रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी मांग है कि जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाए। जम्मू के लोगों की भी यही राय है। जम्मू के युवाओं के हितों की रक्षा की जाए। यह सुनिश्चित बनाया जाए कि नौकरियां स्थानीय युवाओं को ही मिलें। भूमि के अधिकार भी स्थानीय लोगों के पास ही रहने चाहिए। 

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