Jammu Kashmir: आतंकियों का हमदर्द पाकिस्तान लाचिंग पैड के पास से ही खोद रहा सुरंगे, कठुआ में मिली सुरंगों की जांच से हुआ खुलासा

जनवरी में कठुआ जिले में मिली दोनों सुरंगों का दूसरा सिरा लांचिंग पैडों के पास ही है।

23 जनवरी को कठुआ जिले के पानसर में मिली सुरंग सीमा पार शक्करगढ़ के मसरूर बड़ा खान लांचिंग पैड के पास से खोदी गई थी। इसके पहले 13 जनवरी को कठुआ जिले के ही बोबियां में मिली सुरंग को पाकिस्तान के चक्क समां लांचिंग पैड से खोदा गया था।

Publish Date:Tue, 26 Jan 2021 11:24 AM (IST) Author: Vikas Abrol

जम्मू, विवेक सिंह । भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराने के लिए आतंकियों को पाकिस्तान हर सुविधा दे रहा है। वह नहीं चाहता है कि आतंकी लांचिंग पैड से दूर तक पैदल चलकर घुसपैठ के लिए आगे बढ़ें। इसीलिए सीमा पार से आतंकियों के लांचिंग पैड के पास से ही सुरंगों को खोदने की नई साजिश रची गई है। जनवरी में कठुआ जिले में मिली दोनों सुरंगों का दूसरा सिरा लांचिंग पैडों के पास ही है।

जम्मू कश्मीर की शांति व्यवस्था में खलल डालने के लिए पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर नियंत्रण रेखा तक साजिशें रचता रहता है। वह कभी गोलाबारी कर और कभी सुरंगों को खोदकर आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में है। यहां तक कि आतंकियों के लिए ड्रोन से हथियार गिरा रहा है। पाकिस्तान ने अब सुरंगों को लेकर नई चाल चली है। वह ऐसे इलाकों में ही सुरंगें खोदने की फिराक में है, जहां आतंकियों के लांचिंग पैड हैं। 23 जनवरी को कठुआ जिले के पानसर में मिली सुरंग सीमा पार शक्करगढ़ के मसरूर बड़ा खान लांचिंग पैड के पास से खोदी गई थी। इसके पहले 13 जनवरी को कठुआ जिले के ही बोबियां में मिली सुरंग को पाकिस्तान के चक्क समां लांचिंग पैड से खोदा गया था।

सुरंग खोदना आतंकियों की ट्रेनिंग का हिस्सा

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना के इंजीनियर लांचिंग पैड पर मौजूद आतंकियों को ही सुरंग खोदने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इससे आतंकियों को अंदाजा हो जाता है कि उन्हें सुरंग से कैसे घुसपैठ करनी है। यह उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा है। जम्मू संभाग में पाकिस्तान अब तक सीमा पर सुरंग खोदने की नौ हरकतें कर चुका है। पिछले छह महीनों में ही चार सुरंगें मिली हैं।

लांचिंग पैड से खोदी जा रही सुरंगें

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार जम्मू संभाग में 192 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान ने 12 सक्रिय लांङ्क्षचग पैड बना रखे हैं। इसीलिए बीएसएफ ऐसे इलाकों को अधिक खंगाल रही है, जिधर आइएसआइ द्वारा संचालित आतंकियों के लांचिंग पैड हैं। पाकिस्तानी रेंजर भी सुरंग खोदने में पूरा साथ देते हैं। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ इस समय जेसीबी व ट्रैक्टरों से जमीन खोद कर सुरंगों का पता लगाने का अभियान चला रही है। यह अभियान बटालियनों के कमान अधिकारियों की देखरेख में चल रहा है। सीमा के सभी संवेदनशील हिस्सों में मुहिम जारी है। सभी फील्ड कमांडर अग्रिम इलाकों में डेरा डालकर सीमा प्रहरियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।

सुबूतों के साथ पाक लगाई जाएगी फटकार

कठुआ के पानसर में मिली सुरंग की जांच करने के लिए सोमवार को भी सैन्य व खुफिया एजेंसियां पहुंचीं। सुबूतों के साथ यह जानकारी जुटाई जा रही है कि इसका इस्तेमाल घुसपैठ के लिए किस हद तक हुआ है। सुरंग करीब आठ साल पुरानी है। वर्ष 2016 में पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला भी हुआ है। पंजाब पुलिस ने भी इस सुरंग का निरीक्षण किया है। यहां कुछ ही किलोमीटर की दूरी से पठानकोट का इलाका शुरू हो जाता है। इन सुबूतों के साथ जल्द ही पाकिस्तान को फटकार लगाई जाएगी। कठुआ के बोबियां में 13 जनवरी को सुरंग मिलने के बाद भी पाकिस्तान से विरोध जताने के साथ ही संयुक्त जांच का मुद्दा उठाया गया था। पाकिस्तान इस पर राजी नहीं हुआ था। सुरंग की जांच विशेषज्ञों से भी कराने पर विचार हो रहा है।

घुस भी आए तो मारे जाएंगे

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरंगें खोदकर घुसपैठ की मंशा पाले आतंकियों के लिए सुरक्षाबलों ने मुहाने पर ही मौत का इंतजाम कर रखा है। सुरक्षाबलों ने ऐसा मजबूत तंत्र विकसित किया है कि अगर आतंकी सुरंग पार कर घुस आए तो भी बचकर निकल नहीं पाएंगे। बीएसएफ के जवानों ने गश्त और बढ़ा दी है। फील्ड कमांडर सीमा प्रहरियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।

 

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