Jammu: पावन नवरात्र आज से, महामाई के दरबार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

गांधीनगर, नई बस्ती में सुबह से भी माता के भक्त इस सामग्री को खरीदने पहुंचना शुरू हो गए थे।

नवरात्र के लिए पूजन सामग्री खरीदने को सोमवार को बड़ी संख्या में लोग बाजारों में पहुंचे। उन्होंने कलश स्थापना में प्रयोग होने वाले कलश चुनरी नारियल जौ अगरबत्ती गुघुल शहद मिष्ठान फल एवं नए वस्त्रों की खरीदारी की।

Tue, 13 Apr 2021 06:18 AM (IST)

जागरण संवाददाता, जम्मू : मंगलवार को शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र के मद्देनजर शहर के मंदिरों को सजा दिया गया है। कोरोना को लेकर जारी सरकारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करवाते हुए नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को मां भगवती के दर्शन करवाए जाएंगे। नवरात्र की पूर्व संध्या पर लोगों ने घरों में भी मां भगवती की पूजा-अर्चना की तैयारियां कर ली हैं। साख बीजने के सामान के साथ अन्य सामग्री भी घर पर लाए हैं। वहीं प्रशासन ने भी पावन नवरात्र के मद्देनजर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

शहर में बावे वाली माता और अन्य महामाई के मंदिरों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शहर के प्रसिद्ध बावे माता मंदिर से लेकर अन्य मंदिरों को भी सजाया गया है। बाजारों में भी माता की चुनरियां, कलश, नारियल के अलावा व्रत का सामान सजाकर रखा गया था। देर शाम तक श्रद्धालु मां भगवती को अपने घर में बुलाने और घरों में मंदिरों को सजाने में जुटे रहे। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों, शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री देवी की पूजा का विधान है।

नवरात्र के इन प्रमुख नौ दिनों में लोग नियमित रूप से पूजा पाठ और व्रत का पालन करते हैं। दुर्गा पूजा के नौ दिन तक देवी दुर्गा का पूजन और दुर्गा सप्तशती का श्रद्धालु पाठ करेंगे। चैत्र नवरात्र से हिदू नव वर्ष का प्रारंभ माना जाता है और पंचांग की गणना की जाती है। पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्रि से पहले मां दुर्गा अवतरित हुई थीं। ब्रह्म पुराण के अनुसार देवी ने ब्रह्माजी को सृष्टि निर्माण करने के लिए कहा। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप में अवतार लिया था। श्रीराम का जन्म भी चैत्र नवरात्र में ही हुआ था।

पूजन सामग्री खरीदने के लिए बाजारों में उमड़े लोग: नवरात्र के लिए पूजन सामग्री खरीदने को सोमवार को बड़ी संख्या में लोग बाजारों में पहुंचे। उन्होंने कलश स्थापना में प्रयोग होने वाले कलश, चुनरी, नारियल, जौ, अगरबत्ती, गुघुल, शहद, मिष्ठान, फल एवं नए वस्त्रों की खरीदारी की। पूजन सामग्री की दुकानों के अलावा कई लोगों ने दुकानों के बाहर पूजा सामग्री के स्टाल लगा रखे थे। माता दुर्गा की मूर्तियां बेचने वालों ने भी कई स्थानों पर स्टाल लगाए हुए हैं। पुराने शहर के चौक चबूतरा, न्यू प्लाट, मोती बाजार, परेड, पुरानी मंडी चौक, नगरोटा आदि इलाकों में खरीदारी करने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। गांधीनगर, नई बस्ती में सुबह से भी माता के भक्त इस सामग्री को खरीदने पहुंचना शुरू हो गए थे।

रोजाना सुबह और शाम को करें मां दुर्गा की पूजा: इस वर्ष चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल तक होगा। इस बार मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी। 21 अप्रैल को नवमी है। कलश स्थापना, ज्योति प्रज्वलन तथा देवी दुर्गा की साख लगाने का वैसे तो 13 अप्रैल को पूरा दिन शुभ है, फिर भी सुबह 6.08 से दोपहर में 12.55 बजे के बीच का समय अधिक शुभ रहेगा। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक यह व्रत किए जाते हैं। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि नौ दिन तक चलने वाले इस महापर्व में मां भगवती के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस व्रत में नौ दिन तक भगवती दुर्गा का पूजन, दुर्गा सप्तशती का पाठ स्वयं या विद्वान पंडित से करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवरात्र में किसी भी प्रकार की तामसिक सामग्री का सेवन नहीं करना चाहिए। सेहत के अनुसार ही व्रत रखें। इन दिनों में फल आदि का सेवन ज्यादा करें। रोजाना सुबह और शाम को मां दुर्गा की पूजा अवश्य करें।

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