Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरियों में तैनात संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले नए कर्मचारियों की होगी पहचान

वरिष्ठ अधिकारियों को उनके विभागों में तैनात ऐसे नए कर्मचारियों का तय फार्मेट में ब्यौरा देना होगा।

जम्मू कश्मीर में सीआइडी वेरिफिकेशन न होने के बावजूद सरकारी विभागों में तैनात होकर वेतन भत्ते ले रहे संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले नए कर्मचारियों की पहचान की जाएगी। जम्मू कश्मीर सरकार ने इस दिशा में कार्रवाई करते हुए ऐसे नए कर्मचारियों का वेतन भत्ते बंद करने के आदेश जारी कर दिए

Vikas AbrolThu, 04 Mar 2021 07:54 PM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो । जम्मू कश्मीर में सीआइडी वेरिफिकेशन न होने के बावजूद सरकारी विभागों में तैनात होकर वेतन, भत्ते ले रहे संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले नए कर्मचारियों की पहचान की जाएगी। जम्मू कश्मीर सरकार ने इस दिशा में कार्रवाई करते हुए ऐसे नए कर्मचारियों का वेतन, भत्ते बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं जिनकी सीआइडी वेरिफिकेशन नहीं हुई है। उन्हें सीआइडी की क्लीयरेंस मिलने के बाद ही वेतन, भत्ते मिलेंगे। इसके साथ भविष्य में विभागों में नए कर्मचारियों की तैनाती से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि उनकी सीआइडी वेरिफिकेशन हो चुकी है।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में कुछ संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले नए कर्मियों की तैनाती संबंधी पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए सभी प्रशासनिक सचिवों, डिविजनल कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों व विभागों के अध्यक्षों, सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों से नई नियुक्तियों का रिकार्ड मांगा है। उनसे कहा गया है कि वे ऐसे कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा दिया जाए जो सीआईडी वेरिफिकेशन न होने के बाद भी नौकरी कर रहे हैं। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने सीआईडी विभाग से मिलकर एक तरीका कार भी बनाया है।

वरिष्ठ अधिकारियों को उनके विभागों में तैनात ऐसे नए कर्मचारियों का तय फार्मेट में ब्यौरा देना होगा। इसमें उनका नाम पता, उनके माता, पिता के नाम, जन्म प्रमाण पत्र, स्थाई पता जैसी जानकारियां लिखित में देना होगा। इसके साथ नए कर्मचारियों के मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस, सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में भी पूरा जिक्र करना होगा।आगे की कार्रवाई के लिए सरकारी विभागों के संबंधित अधिकारियों को हाल ही में तैनात हुए नई कर्मचारियों के बारे में यह सारा लेखा-जोखा एसएसपी सीआइडी को ई मेल से भेजना होगा। अधिकारियों को यह सारी जानकारी सरकारी ईमेल अकाउंट के माध्यम से भेजी जाएगी ताकि इस पूरी कार्रवाई के दौरान साइबर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जम्मू कश्मीर सरकार का यह आदेश आयुक्त सचिव मनोज कुमार दिवेद्धी की ओर से जारी किया गया है। - 

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