Jammu Kashmir: नेकां महासचिव सागर ने कहा- ठगा सा महसूस कर रहे जम्मू-कश्मीर के युवा, बेरोजगारी से हो चुके हैं परेशान

कोरोना महामारी की वजह से गिरती अर्थव्यवस्था ने इनकी दुर्दशा को और बढ़ा दिया है।

NC General Secretary Ali Mohammad Sagar सागर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने समय हमारे युवाओं को जो बड़े-बड़े सपने दिखाए थे वह अभी तक अमल में नहीं आया है। पढ़े-लिखे युवा अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं।

Publish Date:Fri, 22 Jan 2021 10:39 AM (IST) Author: Rahul Sharma

जम्मू्, जेएनएन। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के महासचिव अली मुहम्मद सागर ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती बेरोजगारी दर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन के सभी दावे झूठे साबित हुए हैं। जमीनी हकीकत यह है कि सरकार ने स्थानीय युवाओं से उनके हक और नौकरियां दोनों ही अवसरों को छिन लिया है। जम्मू-कश्मीर के युवा केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। बेरोजगारी भी काफी बढ़ गई है।

सागर ने कहा कि सच तो यह है कि 5 अगस्त, 2019 को जब भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया और इसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया, तभी से यहां के युवाओं में असंतोष पैदा होने लगा था। उनकी परेशानियां तब और बढ़ गई जब केंद्र ने यहां डोमिसाइल सर्टीफिकेट लागू करते हुए उनके हक भी छिन लिए। उन्होंने कहा कि वह यह बातें अपने से नहीं कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान उन्होंने विभिन्न इलाकों से आए युवाओं के प्रतिनिधिमंडलों से बात की। उन्होंने बताया कि युवा बेरोजगारी से परेशान हो चुके हैं। इन युवाओं ने बेरोजगारी के अलावा उन्हें प्रशासनिक उदासीनता और विकास की कमी से भी अवगत कराया।

सागर ने कहा कि प्रतिनिधिमंडलों में शामिल युवाओं ने भी बताया कि केंद्र सरकार ने उन्हें एक गहरी खाई में धकेल दिया है। न तो उनके पास नौकरियां हैं और आने वाले दिनों में उनसे उनके अन्य हक भी छिन लिए जाएंगे। स्थानीय युवाओं ने कहा कि बेरोजगारी को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने जिन योजनाओं की बात की है, वह भी वास्तिवकता से कोसों दूर है। सागर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने समय हमारे युवाओं को जो बड़े-बड़े सपने दिखाए थे, वह अभी तक अमल में नहीं आया है। पढ़े-लिखे युवा अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं।

पर्यटन, हस्तकला, रोजगार पैकेज के लिए भी कोई प्रोत्साहन न मिलने की वजह से इन युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। इन्हें काफी नुकसान हो रहा है। कोरोना महामारी की वजह से गिरती अर्थव्यवस्था ने इनकी दुर्दशा को और बढ़ा दिया है। केंद्र सरकार को जल्द इन मुद्​दों पर ध्यान देना होगा। 

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