Body Found in Kulgam : कुलगाम में मिला क्षत-विक्षत शव, सेना के लापता जवान का हाेने का संदेह

शव टेरिटोरियल आर्मी के उस जवान का होने की आशंका है जो 416 दिन पहले शोपियां से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। माना जा रहा है कि उस जवान का आतंकियों ने कथित तौर पर अपहरण कर हत्या कर दिया होगा।

Lokesh Chandra MishraWed, 22 Sep 2021 03:11 PM (IST)
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में बुधवार को एक क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : आतंकियों द्वारा अगवा सेना की टेरिटोरियल आर्मी के जवान शाकिर मंजूर का शव लगभग 416 दिन बाद बुधवार को कुलगाम में एक बाग में मिला। शव लगभग नष्ट हो चुका है। हालांकि उसके पिता मंजूर वागे ने शव की पहचान की है, लेकिन पुलिस ने शव के डीएनए की जांच कराने के बाद ही इस बारे में कुछ कहने की बात कही है। मंजूर वागे ने कहा कि यह लाश मेरे बेटे की है। उसके पैर और बालों को मैं अच्छी तरह पहचानता हूं। इसके अलावा उसने जो ब्रेसलेट पहना था, वह भी मिला है।

उल्लेखनीय है कि सेना की 162 टेरिटोरियल आर्मी में तैनात शाकिर मंजूर वागे अगस्त 2020 में ईद पर अपने घर रेशीपोरा में आया था। ईद के बाद दो अगस्त 2020 को जब वह ड्यूटी पर जा रहा था कि रास्ते में आतंकियों ने उसे अगवा कर लिया था। उसकी कार को आग लगा दी गई थी। शाकिर को अगवा करने के चंद दिन बाद आतंंकियों ने एक बयान जारी कर कहा था कि शाकिर को मौत के घाट उतार दिया गया है और उसके शव को एक जगह विशेष पर ठीक उसी तरह दफनाया गया है, जैसे पुलिस किसी मुठभेड़ में मारे गए हमारे किसी साथी को कोविड-19 प्रोटोकाल की आड़ में किसी जंगल में दफनाती है और उनके परिजनों को नहीं बताती। यह पुलिस की नीतियोें का जवाब है।

सात अगस्त 2020 को एक बाग में से शाकिर मंजूर की वर्दी मिली थी। लापता जवान के पिता मंजूर वागे ने कहा कि आप नहीं जानते कि हम किसी पीड़ा से गुजर रहे थे। कोई ऐसा नाला नहीं है, कोई ऐसा बाग और खेत या जंगल नहीं है, जहां मैंने अपने बेटे की लाश की तलाश नहीं की। बेटे की मौत का गम और फिर उसका शव न मिलने से क्या कष्ट होता है, यह तकलीफ वही समझ सकते हैं जो इससे गुजरे हों। खैर, आज शाकिर का शव मिला है, दिल को अब तसल्ली रहेगी।

कुलगाम स्थित पुलिस एक अधिकारी ने बताया कि शव मोहनपोरा गांव में एक टेलीफोन टावर के पास था। यह टावर एक बाग में है। आज सुबह स्थानीय लोगों को वहां दुर्गंध सी महसूस हुई तो वह नजदीक गए। उन्होंने वहां नीले रंग की एक प्लास्टिक शीट में लाश को देखा। लाश लगभग नष्ट हो चुकी है, खोपड़ी पर मांस के चंद टुकड़े ही रह गए थे। लोगों से पूछताछ की गई। इस बीच, लापता सैन्यकर्मी शाकिर मंजूर के पिता भी मौके पर पहुंच गए, क्योंकि शाकिर का गांव भी नजदीक ही है।

पुलिस के मुताबिक शव के डीएनए नमूने लेंगे और उसके बाद ही हम तय कर पाएंगे कि यह शव शाकिर का है या किसी और व्यक्ति का। इधर, शाकिर के पिता मंजूर वागे ने कहा कि सिर्फ मैंने ही नहीं मेरे कई रिश्तेदारों और शाकिर के दोस्तों ने भी शव की शिनाख्त की है। वागे ने कहा कि जिस हालत में शव मिला है, उसे देखकर नहीं लगता कि आतंकियों ने शव को दफनाया था, उन्होंने किसी जगह छिपाया होगा। आज किसी ने शव को वहां से लाकर मोहनपोरा में बाग में छोड़ा होगा। यह जगह वागे के घर से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर है।

 

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