राजस्थानी आवाज में डोगरी के सुरों ने किया मदहोश

जागरण संवाददाता, जम्मू : रंगलीला नाट्य उत्सव में सोमवार की शाम जम्मू वासियों के लिए कभी न भूलने वाली शाम बन गई। मौका था अभिनव थियेटर के मंच पर राजस्थान की दो बहनों अनन्य और अनंता गौर की जुगलबंदी का जिन्होंने डोगरी गीतों को भी इतना मधुर गाया कि सुनने वाले मदहोश हो गए।

दोनों बहनों ने मलिका पुखराज, बेगम अख्तर, फरीदा खानम और सुरेंद्र कौर के गीतों को पेश किया। उन्होंने पंजाबी और डोगरी लोक गीतों को भी इस तरह से पेश किया कि सुनने वालों को एक पल भी नहीं लगा कि कोई दूसरे राज्य का कलाकार इन्हें गा रहा है। अनन्य और अनंता ने डोगरी गीत पल पल बेई जाना, हाय ओ मेरे डाडेया रब्बा, ए मोहब्बत, दश्त-ए-तन्हाई में और कई अन्य गीत पेश किए। वहीं दोनों बहनों के गीतों को सुन सभागार में मौजूद लोगों ने बार बार गीत सुनने की पेशकश की जिनमें से कुछ को उन्होंने पूरा भी किया। रंगलीला नाट्य उत्सव का आयोजन लक्ष्य द ऐम की ओर से आयोजित करवाया जा रहा है जिसमें अब तक देश के विभिन्न राज्यों से आई नाट्य संस्थाओं ने नाटकों का मंचन किया। सोमवार की शाम लोक गीतों के नाम समर्पित की गई जिसमें राजस्थान की दोनों बहनों ने अपनी जुगलबंदी से जम्मू के लोगों को अपना दीवाना बना दिया। वहीं लोगों की वाहवाही से दोनों कलाकार भी प्रभावित हुई और उनके स्नेह के लिए दोनों ने जम्मू वासियों का आभार भी जताया।

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