Jammu Kashmir: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश- जीएमसी में बढ़ाएं स्वास्थ्य कर्मी

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू का दौरा कर मरीजों के इलाज के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या को बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने अतिरिक्त पैरा मेडिकल स्टाफ को नियुक्त करने को कहा।

By Vikas AbrolEdited By: Publish:Sun, 16 May 2021 08:40 PM (IST) Updated:Sun, 16 May 2021 08:41 PM (IST)
Jammu Kashmir: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश- जीएमसी में बढ़ाएं स्वास्थ्य कर्मी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू का दौरा कर मरीजों के इलाज का जायजा लिया।

जम्मू, राज्य ब्यूरो। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू का दौरा कर मरीजों के इलाज के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या को बढ़ाने के लिए कहा। इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त पैरा मेडिकल स्टाफ को नियुक्त करने के अलावा उपलब्ध स्रोतों का बेहतर प्रबंधन करने को कहा। उन्होंने सभी प्रमुख वाडों में वरिष्इ डाक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की हाजिरी को सुनिश्चित बनाने को कहा। कोविड के मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए।

तीन दिनों के भीतर 250 नर्सिंग स्टाफ कर रहा है ज्वाइन  

मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डा. शशि सूदन ने उपराज्यपाल को बताया कि तीन दिनों के भीतर 250 नर्सिंग स्टाफ ज्वाइन कर रहा है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जारे देते हुए उपराज्यपाल ने वरिष्ठ डाक्टरों को निर्देश दिए कि वह सभी दवाइयों, पौष्टिक आहार, चौबीस घंटे मरीजों की देखभाल, मरीजों के तीमारदारों के लिए खाने और पानी की व्यवस्था को सुनिश्चित बनाएं। यही नहीं तीमारदारों के इंट्री कार्ड होने चाहिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ डाक्टर स्वयं आगे आएं और लोगों को कोविड से बचाव के तरीके बताएं। उन्हें कोविड के नियंत्रण में अहम भूमिका निभानी होगी।

100 बिस्तरों की क्षमता वाली नए इमरजेंसी ब्लाक के बारे में भी जानकारी ली

उन्होंने जीएमसी जम्मू में स्थापित होने वाले दो आक्सीजन जेनरेशन प्लांट की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। उपराज्यपाल ने 100 बिस्तरों की क्षमता वाली नए इमरजेंसी ब्लाक के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने इस ब्लाक को तुरंत शुरू करने को कहा ताकि मरीजों का बेहतर इलाज हो। उपराज्यपाल ने कोविड केयर सुविधाओं, आक्सीजन की सुविधा वाले बिस्तरों, आक्सीजन जेनरेशन प्लांट के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इससे पूर्व उपराज्यपाल नेे डिफेंस रिसर्च और डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन द्वारा बनाए जा रहे 500 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यह अस्पताल पूरी तरह से वातानुकूलित होगा और इसमें 125 विस्तर आइसीयू के होंगे। 25 मई तक इसे शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

आक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है

उपराज्यपाल को डीआरडीओ के अधिकारियों ने बताया कि आक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के बारे में भी जानकारी दी गई। उपराज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वह डीआरडीओ सभी जरूरी सहायता उपलब्ध करवाएं। इनमें डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति भी शामिल है। उन्होंने सभी सुविधाएं जल्दी उपलब्ध करवाने को कहा। उपराज्यपाल ने अस्पताल तक संड़क संपर्क मार्ग भी जल्दी बनाने को कहा। सभी काम समय पर पूरे होने चाहिए। उपराज्यपाल को बताया गया कि 20-20 मीट्रिक टन के दो लिक्विड आक्सीजन टैंक भी इस अस्पताल में स्थापित किए जा रहे हें। पूरा ढांचा प्रीेफैब्रिकेटेड और आग से बचाव वाला है। डीआरडीओ जम्मू के अलावा कश्मीर में भी एक अस्पताल बना रहा है।

उपराज्यपाल के साथ मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम, बिजली विभाग के प्रमुख सचिव रोहित कंसल, डिवीजनल कमिश्नर जम्मू डा. राघव लंगर, डिप्टी कमिश्नर अंशुल गर्ग, स्वास्थ्य निदेशक डा1 रेनू शर्मा भी थे। वहीं डीआरडीओ के चीफ इंजीनियर अनिल खुराना, हरप्रीत सिंह, कमलेश कुमार थे।

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