Jammu Kashmir: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा- जम्मू-कश्मीर में बेलगाम नौकरशाही को देना होगा जवाब, कार्रवाई भी होगी

कुलगाम के व्यक्ति ने बताया कि बिजली आती नहीं है, लेकिन सरचार्ज मांगा जा रहा है।

इस पर उपराज्पाल ने संबंधित अधिकारी के वेतन से सरचार्ज की वसूली करने का निर्देश दिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर ग्रामीण बैंक द्वारा कुछ आवेदकों के पक्ष में कर्ज जारी करने की प्रक्रिया में देरी की जांच का भी आदेश दिया।

Rahul SharmaFri, 26 Feb 2021 07:46 AM (IST)

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो: जम्मू-कश्मीर में बेलगाम नौकरशाही के दिन बीत गए हैं। उन्हें अब अपनी लापरवाही के लिए न सिर्फ जवाब देना होगा, बल्कि अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा। वीरवार को इसका संकेत प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण विभाग कश्मीर के निदेशक के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगाकर दे दिया है।

यह कार्रवाई उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर हुई है। इसके अलावा एक उपभोक्ता के बिजली बिल में अकारण सरचार्ज शुल्क जोड़े जाने का संज्ञान लेते हुए कश्मीर ऊर्जा विकास निगम के संबंधित अधिकारी के वेतन से इसकी कटौती करने का आदेश भी दिया है। कोविड एसओपी का पालन करते हुए उपराज्यपाल ने जनता दरबार को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर रखा है। इसके स्थान पर अब आनलाइन मोड पर एलजी से मुलाकात- जन शिकायतों की सीधी सुनवाई का तरीका अपनाया गया है। वीरवार को इसका पांचवां चरण था।

इसमें समाज कल्याण विभाग के अधीनस्थ एक विशेष स्कूल के अध्यापकों ने वेतन न मिलने के शिकायत की। उपराज्यपाल ने उसी समय अधिकारियों से पूछा तो समाज कल्याण विभाग कश्मीर के निदेशक की लापरवाही कथित तौर पर सामने आई। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई हो गई। कुलगाम के व्यक्ति ने बताया कि बिजली आती नहीं है, लेकिन सरचार्ज मांगा जा रहा है।

इस पर उपराज्पाल ने संबंधित अधिकारी के वेतन से सरचार्ज की वसूली करने का निर्देश दिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर ग्रामीण बैंक द्वारा कुछ आवेदकों के पक्ष में कर्ज जारी करने की प्रक्रिया में देरी की जांच का भी आदेश दिया। एआरटीओ रामबन कार्यालय में एक वाहन की आरसी बिना कारण रोके जाने की शिकायत पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई का निर्देश दिया।

सभी विभागों को कारण बताओ नोटिस उपराज्यपाल ने सभी विभागों के प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसमें पूछा गया है कि सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियुक्ति नियमित और संविदात्मक कॢमयों को उनका वेतन, भत्ता और मानदेय का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है? प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार दोषी और लापरवाह विभागाध्यक्षों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई समेत उनका वेतन भी रोका जाएगा।

22 शिकायतें सुनीं उपराज्यपाल ने पूरे प्रदेश से करीब 22 लोगों की शिकायतों को सुना। उन्होंने लोगों से शिकायतों के निवारण की दिशा प्रशासन के कदमों पर उनकी राय ली। उन्होंने सभी प्रशासकीय सचिवों को विभागीय वेबसाइट को अपडेट करने को कहा। सभी शिक्षण संस्थान छात्रवृत्ति पोर्टल से जोड़े जाएं। प्रत्येक स्प्ताह बुधवार को होने वाले ब्लाक दिवस में अधिकारियों भागीदारी सुनिश्चित बनाई जाए। 

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