जम्मू-कश्मीर में समग्र शिक्षा की 607 वोकेशनल लैब और पोर्टल लांच, उपराज्यपाल ने विकास की सभी संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया

उपराज्यपाल ने कहा कि हमें नए क्षेत्रों में दक्षता और नवाचार की तरफ ध्यान देना होगा।

उपराज्यपाल ने व्यावसायिक शिक्षा पाठयक्रम के विभिन्न लाभ गिनाते हुए कहा कि इसका मकसद स्कूली शिक्षा के पूरे वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाना है जो हमारे युवाओं को बाजार में रोजगार के बदलते तौर तरीकों के प्रति खुद को तैयार करने में मददगार साबित हो।

Rahul SharmaSat, 20 Feb 2021 08:20 AM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने समग्र शिक्षा जम्मू-कश्मीर द्वारा विकसित 607 वोकेशनल लैब, व्यावसायिक शिक्षा शिक्षा और जीआइएस पोर्टल का ई-उद्घाटन किया। इसे जम्मू-कश्मीर में व्यावसायिक और पेशेवर शिक्षा के माहौल को बदलते परिवेश के मुताबिक समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने स्कूलों औेर कौशल विकास के उच्च संस्थानों के समन्वय के जरिए जम्मू-कश्मीर में व्यावसायिकि शिक्षा क्षेत्र के विकास की सभी संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया।

उपराज्यपाल ने वोकेशनल लैब और जीआइएस पोर्टल के उदघाटन के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रदेश में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यों का भी जिक्र किया। इनसे युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख शिक्षा की एक मजबूत नींव तैयार होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर युवाओं को नौकरी करने वाला नहीं बल्कि उन्हेंं दूसरों को नौकरी प्रदान करने में समर्थ बनाने के लिए ही दिया गया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने और स्कूल व उद्योगों के बीच अंतर को दूर कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित एवं बेहतर बनाने के लिए समग्र उपाय किए जा रहे हैं। हमें बदलते दौर में जो हुनर व ज्ञान चाहिए, उसे ध्यान में रखते हुए हम अपने शिक्षा क्षेत्र में कौशल विकास को शामिल कर आगे बढ़ रहे हैं। शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच एक मजबूत संबंध को तैयार करने के लिए स्कूली पाठयक्रम में व्यावसायिक प्रशिक्षण को शामिल करने पर जोर देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि हमें नए क्षेत्रों में दक्षता और नवाचार की तरफ ध्यान देना होगा।

उपराज्यपाल ने व्यावसायिक शिक्षा पाठयक्रम के विभिन्न लाभ गिनाते हुए कहा कि इसका मकसद स्कूली शिक्षा के पूरे वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाना है, जो हमारे युवाओं को बाजार में रोजगार के बदलते तौर तरीकों के प्रति खुद को तैयार करने में मददगार साबित हो।

15 स्कूलों में मिल रही है व्यावसायिक शिक्षा : स्कूल शिक्षा सचिव बीके सिंह ने जम्मू कश्मीर में व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लागू उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय 715 स्कूलों में यह शिक्षा मिल रही है। इन स्कूलों में करीब 44 हजार छात्र हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षण भागीदारों के जरिए 14 क्षेत्रों से जुड़ी व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही हैं।

मार्च से शुरू होगा स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने का अभियान : स्कूल शिक्षा सचिव बीके सिंह ने बताया कि कोविड -19 प्रोटोकाल के तहत स्कूलों के बंद रहने के दौरान भी जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में अध्यापकों और छात्रों ने आनलाइन व सामुदायिक कक्षाओं के जरिए अपनी अकादमिक गतिविधियों को जारी रखा। अब मार्च 2021 से प्रदेशभर में अभियान चलाकर सरकारी स्कूलों मं छात्रों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा छात्रों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जीआइएस पोर्टल बताएगा स्कूल से वंचित बस्तियों की भौगोलिक स्थिति : समग्र शिक्षा जम्मू-कश्मीर के निदेशक डा. अरुण मन्हास ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलाजी के सहयोग से तैयार जीआइएस पोर्टल की मदद से हम शिक्षण संस्थानों की भौगोलिक स्थिति और बिना स्कूल वाली बस्तियों को चिन्हित कर सकेंगे। इस पोर्टल का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं,छात्रों की संख्या, स्मार्ट कक्षा की सुविधा, वोकेशनल लैब ,संसाधन कक्षों की स्थिति आदि की निगरानी के लिए एक एमआइएस टूल की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। 

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