उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए निर्देश- कोरोना रोकथाम के लिए जांच बढ़ाएं, संक्रमितों के संपर्क काे ढूंढें

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे कोविड से संबणित सभी डाटा डिप्टी कमिश्नरों के साथ सांझा करें।

Coronavirus Effect in Jammu Kashmir उपराज्यपाल को बारी-बार सभी जिला उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिले में कोरोना संक्रमण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जिलों में टेस्ट कंटेनमेंट जोन और टीकाकरण के बारे में बताया।

Rahul SharmaFri, 16 Apr 2021 08:08 AM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू संभाग के सभी जिलों के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर विकास कायों, कानून एवं व्यवस्था तथा कोविड 19 से निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की।

नागरिक सचिवालय में देर शाम तक चली बैठक में अधिकारियों से लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता देने तथा आम आदमी की समस्याओं और जरूरतों को समझने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के लिहाज से वहां की जरूरतों का जायजा लेने और उसी के अनुसार विकास योजनाएं बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी योजना होनी चाहिए जो आम आदमी की जिंदगी को छुए। उन्होंने रोजगार, स्वास्थ और शिक्षा के अलावा मूल समस्याओं को हल करने पर जोर दिया। एक विकासशील समाज का निर्माण होना चाहिए।

उपराज्यपाल को बारी-बार सभी जिला उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिले में कोरोना संक्रमण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जिलों में टेस्ट, कंटेनमेंट जोन और टीकाकरण के बारे में बताया। इसके अलावा आक्सीजन की उपलब्धता और जरूरी दवाइयों के बारे में भी उपराज्यपाल को जानकारी दी गई। यही नहीं जिला विकास परिषदों के कार्यालय स्थापित करने, स्टाफ सदस्यों, आवास और सुरक्षा के बारे में भी उन्होंने जानकारी दी। जिला उपायुक्तों ने बैक टू विलेज कार्यक्रम के तहत हा रहे कायों, लंबित पड़े प्रोजेक्टों की स्थिति, जिलों में आनलाइन सेवाओं के बारे में भी बताया।

इन दिनों चल रहे त्यौहारों के मौसम पर उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बिजली, पानी और खाद्य पदाथों की उपलब्धता सुनिश्चित बनवाएं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न आए। जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए उपराज्यपाल ने सभी अधिकारियों को टेस्ट की संख्या बढ़ाने के अलावा संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की पहचान करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे कोविड से संबणित सभी डाटा डिप्टी कमिश्नरों के साथ सांझा करें।

यही नहीं टीकाकरण अभियान के प्रति लोगों में जागरूकता लाकर इसमें तेजी लाएं। उपराज्यपाल ने जिला बार अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, आक्सीजन सप्लाई और कुल बिस्तरों की स्थिति पर भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हालात के अनुरूप कदम उठाने को कहा। उन्होंने अणिकारियों से प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और लोगों के हितैशी बनाने के लिए आनलाइन सेवाओं पर जोर दिया।

उपराज्यपाल ने पुंछ के डिप्टी कमिश्नर से मुगल रोड पर शौचालय बनाने को कहा। इसके लिए जगह का चयन करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने अन्य जिलों के जिलास उपायुक्तों से भी सामुदायिक शौचालयों की बेहतर देखभाल करने को कहा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सेहत पर उपराज्यपाल ने सभी अधिकारियों से पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सभी लोगों के कार्ड बनाने को कहा।

उपराज्यपाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ बातचीत करते हुए सभी को निर्देश दिए कि वहे रेत और दूसरे मिनरल्स के अवैध खनन पर रोक लगाए। उन्होंने नशे, पशुओं की तस्करी पर भी रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा। उन्होंने कठुआ के पुलिस अधिकारियों से बाहर से आने वाले लोगों को आने और वापस जाने में कोई भी परेशानी नहीं आने देने को कहा। ब्लाक दिवस के महत्व पर उपराज्यपाल ने कहा कि इसे वे लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए इस्तेमाल करें।

उन्हांने मुमकिन योजना के लाभार्थियों की पहचान करने, सीमांत क्षेत्रों में रहने वालों की जरूरतों को देखने और विभिन्न योजनाओं के तहत अराएए फंड का सही उपयोग करने पर जोर दिया। इस मौके पर मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम, वित्तिय आयुक्त वित्त विीााग अरुण कुमार मेहता, वित्तिय आयुक्त स्वास्थ्य एवं चििकित्सा शिक्षा विभाग अटल ढुल्लू भी मौजूद थे।

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