Jammu Kashmir: किरण रिजिजू बोले- भारत सरकार हर नागरिक को न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध

न्यायपालिका के विकास का जिक्र करते हुए रिजिजु ने कहा कि देश में निचली न्यायपालिका के विकास के लिए 9000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने पैरा लीगल वालंटियर्स की प्रशंसा की और कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में कानूनी सहायता प्रणाली सही दिशा में जा रही है।

Vikas AbrolSat, 30 Oct 2021 08:34 PM (IST)
किरण रिजिजू ने शनिवार को कहा कि कश्मीर की बागवानी और हस्तशिल्प अपनी गुणवत्ता के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।

जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय कानून और न्यायमंत्री, किरण रिजिजू ने शनिवार को कहा कि भारत सरकार हर नागरिक को न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध है और देश में लोगों को त्वरित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।कुपवाड़ा जिले के लोलाब घाटी के चंडीगाम में कानूनी सहायता शिविर का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने यह बात कही। अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मंत्री ने कहा कि उनके दौरे का उद्देश्य भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों का आकलन करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में स्टालों का निरीक्षण करने और प्रशासन से फीडबैक प्राप्त करने से वह संतुष्ट हैं।

मंत्री ने कहा कि कश्मीर की बागवानी और हस्तशिल्प अपनी गुणवत्ता के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को समृद्ध अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। न्यायपालिका के विकास का जिक्र करते हुए रिजिजु ने कहा कि देश में निचली न्यायपालिका के विकास के लिए 9000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने पैरा लीगल वालंटियर्स की प्रशंसा की और कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में कानूनी सहायता प्रणाली सही दिशा में जा रही है।इस अवसर पर जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे और जस्टिस विनोद चटर्जी कौल ने भी अपनेविचार रखे। उन्होंने 2 अक्टूबर को केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कानूनी सेवाओं की पहल और आउटरीच कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

न्यायमूर्ति माग्रे ने कहा कि 42 दिवसीय कानूनी जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम 2 अक्टूबर को भारत के राष्ट्रपति द्वारा देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्रों के उज्ज्वल प्रदर्शन पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि सभी अदालतों में आईटी सुविधा शुरू की गई है और कोई भी व्यक्ति कहीं से भी कानूनी सुविधा का लाभ उठा सकता है।जस्टिस विनोद चटर्जी कौल ने कहा कि कानूनी सेवा बुनियादी मानव सेवा है और इस सेवा को सुनिश्चित करने के लिए वंचित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।इससे पूर्व मंत्री और गणमान्य व्यक्तियों ने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और संबंधित लाभार्थियों के बीच प्रशंसा पत्र और पुरस्कार वितरित किए। 

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