Good News For Jammu Writers : जल्द जम्मू के साहित्यकारों के हवाले होगा जम्मू राइटर्स क्लब

डा. अजीज हाजिनी के कार्यकाल में राइर्ट्स क्लब का निर्माण कार्य तेजी से हुआ लेकिन उसे बाद कोई भी स्थाई सचिव न होने के कारण काम की गति बहुत धीमी पड़ गई।जिसके चलते जो क्लब मई 2019 में बन कर तैयार होना था तैयार नहीं हो पाया है।

Lokesh Chandra MishraThu, 14 Oct 2021 05:54 PM (IST)
अपने किसम का यह जम्मू का लेखकों, कलाकारों के लिए पहला क्लब होगा।

जम्मू, अशोक शर्मा, : कलाकारों और साहित्यकारों का बहुप्रतीक्षित राइटर्स क्लब बनने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है।यह क्लब जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी परिसर में बन कर लगभग तैयार है। अपने किसम का यह जम्मू का लेखकों, कलाकारों के लिए पहला क्लब होगा। राइटर्स क्लब की इमारत बन कर पूरी तरह से तैयार है। मात्र अंतिम चरण का मामूली कार्य और अंधरूनी सजावट और कांफ्रेंस हाल में कुर्सियां, पुस्तकालय में भी कुर्सियां और दूसरा सामाना लगाना रहता है।उम्मीद है कि दो महीने तक यह क्लब बन कर तैयार हो जाएगा।

राइटर्स क्लब के लिए साहित्यकार और कलाकार लंबे समय से मांग करते रहे हैं। वर्ष 2017 में राइटर्स क्लब बनने का कार्य शुरू हो गया था। क्लब वर्ष 16 मई 2019 तक बन कर तैयार होना था लेकिन सरकारी उपेक्षा के चलते समय पर इसका निर्माण संभव नहीं हो सका। जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से राइर्ट्स क्लब बनने का कार्य तेजी से हुआ और अब यह क्लब बन कर तैयार है।

कैसा होगा राइर्ट्स क्लब:

राइर्ट्स क्लब में एक सभागार, पुस्तकालय, क्लब का कार्यालय, लेखकों के बैठने का कमरा और बाहर से आने वाले लेखकों के ठहरने के लिए भी कुछ कमरे बने हैं। क्लब के पिछली तरफ और सामने की तरफ छोटे लॉन भी हैं। जिनका निर्माण कार्य अभी चल रहा है। क्लब की पिछली तरफ का लॉन ऐसा की वहां भी खुले में छोटी-छोटी बैठकें, पुस्तक समीक्षा आदि संभव है। सभागार के सामने दूसरे तल की गैलरी काफी अच्छी है। हाल में पचास के करीब कुर्सियां लग सकती हैं। कंट्रोल रूप ऊपर वाले तल पर रखा गया है।पुरूषों और महिलाओं के लिए ग्रीन रूम, टार्ट स्टूडियो, प्रदर्शनी हाल, दो स्टूडियो, कंटीन आदि की व्यवस्था रहेगी

राइर्ट्स क्लब बनने में क्यों हुई देरी :

राइटर्स क्लब का प्रस्ताव तो करीब 20 वर्ष पुराना था लेकिन इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया गया।उस समय के जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी के पूर्व सचिव पदमश्री बलवंत ठाकुर ने बताया कि उनके कार्यकाल में राइर्ट्स क्लब का ब्लू प्रिंट बन कर तैयार हो गया था। लेकिन उनके जाने के बाद इस पर काम नहीं हुआ।पूर्व सचिव डा. रफीक मसूदी के कार्यकाल में जिस जगह पर राइर्ट्स क्लब बनना था। उसे चिन्हित किया गया और गुरू रविदास सभा की ओर से दीवार दे दी गई। जब लगने लगा कि अब राइर्ट्स क्लब का काम शुरू हो जाएगा तो डा. रफीक मसूदी का भी कार्यकाल समाप्त हो गया। वर्ष 2016 में फिर से राइर्ट्स क्लब की ड्रांइंग तैयार की गई।

डा. अजीज हाजिनी के कार्यकाल में राइर्ट्स क्लब का निर्माण कार्य तेजी से हुआ लेकिन उसे बाद कोई भी स्थाई सचिव न होने के कारण काम की गति बहुत धीमी पड़ गई।जिसके चलते जो क्लब, मई 2019 में बन कर तैयार होना था अभी भी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है।हालांकि अकादमी के अतिरिक्त सचिव संजीव राणा का कहना है कि कोरोना के कारण काम में देरी हुई है। लेकिन अब यह क्लब बन कर तैयार है।

राज्यपाल एनएन वोहरा ने रखी थी राइर्टस क्लब की नींब :

26 जुलाई 2018 को पूर्व राज्यपाल एनएन वोहराने राइर्टस क्लब की नींब रखी थी। जिसे एक वर्ष में पूरा करने के निर्देश थे।क्लब का कुल निर्मित क्षेत्र 12,000 वर्ग फुट हेागा। फिलहाल अभी जम्मू में साहित्यक कार्यक्रमों का आयोजन जम्मू कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के केएल सहगल हाल में ही हाेता है।

राइर्ट्स क्लब का लेखकों को बेसब्री से इंतजार :

लंबे संघर्ष के बाद बन कर तैयार राइर्ट्स क्लब के खुलने का लेखकों को बेसब्री से इंतजार है। नमीं डोगरी संस्था के अध्यक्ष हरीश कैला ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में राइर्ट्स क्लब का विशेष महत्व है। अब राइर्ट्स क्लब बन कर तैयार है। इसे अब लेखकों के हवाले कर देना चाहिए।इस क्लब के बन जाने से साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

डुग्गर में मंच के प्रधान साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित मोहन सिंह ने कहा कि जो क्लब बन रहा है। उसे अतिआधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना चाहिए। नेट और कम्प्यूटर सुविधाओं के अलावा लाइब्रेरी में ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी रहनी चाहिए।लेखकों के बैठने और लिखने पढ़ने की अच्छी व्यवस्था हो तो लेखकों के लिए एक अच्छा माहौल बन सकेगा।

वरिष्ठ रंगकर्मी विजय गोस्वामी ने कहा कि पहले नाटकों की तलाश के लिए भटकना पड़ता था।अब राइर्ट्स क्लब बन जाएगा तो कलाकार एक साथ बैठकर संपादन आदि का कार्य भी कर सकेंगे।जरूरत इस बात की है कि जल्द से जल्द राइर्ट्स क्लब बन कर तैयार हो जाए। जल्द इसके नियम कानून भी फ्रेम हो जाने चाहिए। अगर जल्द नियम कानून न बने तो क्लब बनने का कोई लाभ नहीं होगा और इमारत का प्रयोग अकादमी अपने लिए करने लगेगी। जिसके बाद लेखकों को फिर से संघर्ष करना पड़ सकता है।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.