अतिरिक्त सुरंगों और पुलों से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को बनाया जाएगा सुरिक्षत, चल रहा विचार

अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इन क्षेत्रों में अतिरिक्त टनल और पुलों के निर्माण पर विचार कर रहा है। विशेषकर रामबन-बनिहाल क्षेत्र में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित बनाने के लिए नए टनलों का प्रस्ताव है। यह क्षेत्र भूस्खलन और बार-बार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का गवाह बनता रहा है।

Lokesh Chandra MishraSun, 14 Nov 2021 06:10 PM (IST)
राजमार्ग पर पांच ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां पर अधिक भूस्खलन होता है।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ ऐसे स्थान हैं जो कि इस समय राजमार्ग को चौड़ा करने के लिए चले आ रहे काम के कारण बड़े पैमाने पर भू-स्खलन और दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इन क्षेत्रों में अतिरिक्त टनल और पुलों के निर्माण पर विचार कर रहा है। विशेषकर रामबन-बनिहाल क्षेत्र में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित बनाने के लिए नए टनलों का प्रस्ताव है। यह क्षेत्र भूस्खलन और बार-बार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का गवाह बनता रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक पुरुषोत्तम कुमार के अनुसार जम्मू से नाशरी तक जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर यात्रा करने में कोई समस्या नहीं है। हालांकि राजमार्ग का एक हिस्सा फोर लेन के काम के बाद प्रभावित हुआ था। राजमार्ग पर पांच ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां पर अधिक भूस्खलन होता है। विशेषज्ञों से डीपीआर बनवा कर नाशरी से डलवास तक पुलों का निर्माण हो रहा है।

परियोजना निदेशक के अनुसार उन्होंने कैफेटेरिया मोड में भी एक टनल बनाने का प्रस्ताव है। इस क्षेत्र में भी लगातार भूस्खलन होने के कारण यातायात प्रभावित होता है। रामबन के आगेे मारोग, डिगडोल, पंथियाल, मकरकोट भी भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र है। यहां भी अलग-अलग क्षेत्रों में प्रबंध किए गए हैं। इस क्षेत्र में टनल बनाए जा रहे हैं ताकि भूस्खलन की समस्या का समाधान हो। परियोजना निदेशक के अनुसार मक्कर कोटे-नचनाल्ला से छप्पनवास तक और कटाई नहीं की जा रही है। वैकल्पिक तरीकों को अपनाया रहा था। यहां पर पुल ही बनाए जाएंगे।

प्रोजेक्ट निदेशक ने कहा कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी यातायात के कारण हमें समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे निर्माण व सड़क को चौड़ा करने के कार्यों में बाधा आ रही है। आप एक पत्थर को घंटों तक नहीं छू सकते क्योंकि हाईवे पर ट्रैफिक जारी रहता है। यह राजमार्ग पर भारी यातायात के कारण है कि हमने लोगों की सुरक्षा के लिए सुरंगों का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि सुरंगों से यात्रा सुरक्षित होगी। पहले इन जगहों पर सुरंगों का प्रस्ताव नहीं था। सभी काम वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है।

यह विशेषज्ञों की सलाह से सबसे उपयुक्त तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम काम कर रहे हैं, जबकि राजमार्ग खुला रहता है। यह एक मुश्किल काम है, लेकिन हम प्रबंधन कर रहे हैं। राजमार्ग को चौड़ा करने का काम दिसंबर 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा क्योंकि नई सुरंगों का भी प्रस्ताव किया गया है और उन पर काम भी शुरू कर दिया गया है।

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