Jammu: जम्मू में नालों को अतिक्रमण मुक्त बनाएगा निगम, खाका तैयार करने के निर्देश

जम्मू नगर निगम के चीफ ट्रांसपोर्ट आफिसर स. हरविंद्र सिंह
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 11:43 AM (IST) Author: Rahul Sharma

जम्मू, जागरण संवाददाता: शहर के नालों पर हुआ अतिक्रमण शहर में जलभराव का मुख्य कारण है। इस अतिक्रमण का ब्यौरा तैयार करने के लिए जम्मू नगर निगम ने अरबन इंवायरंमेंट इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (यूइइडी) को निर्देश दे दिए हैं। ब्याैरा आने के बाद निगम इस अतिक्रमण को हटाना शुरू कर देगा। इतना ही नहीं शहर के हर घर से कचरा उठाने की व्यवस्था भी की जा रही है। यह कहना है कि जम्मू नगर निगम के चीफ ट्रांसपोर्ट आफिसर स. हरविंद्र सिंह का। शहर में कचरा उठाने से लेकर नालों की सफाई और निगम के वाहनों की आवाजाही व खर्चे, नालियों पर डाली जाने वाली ग्रेटिंग के संबंध में स. हरविंद्र सिंह से दैनिक जागरण के सीनियर रिपोर्टर अंचल सिंह ने बात की। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश।

बरसात में नालों ने खूब तबाही की? क्या प्रबंध किए गए?

बरसात से पूर्व फरवरी माह से ही नालों की सफाई का काम शुरू किया था। वर्षों बाद इतनी बारिश हुई कि शहर में कई स्थानों पर जलभराव हुआ। इसका मुख्य कारण नालों पर अतिक्रमण है। नालों की सफाई भी कम लगी।

अतिक्रमण हटाना भी तो निगम का काम है, फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

नालों पर हुए अतिक्रमण का ब्यौरा बनाने के निर्देश यूइइडी को दे दिए गए हैं। जैसे ही यूइइडी की लिस्ट मिलती है। निगम इस पर कार्रवाई शुरू करेगा। इसके लिए जिला प्रशासन भी साथ रहेगा। उम्मीद कर सकते हैं अगले वर्ष यह जलभराव रोका जा सकेगा।

स्वच्छता सर्वेक्षण में जम्मू की हालत ज्यादा ठीक नहीं, क्या कर रहे हैं?

पहले से कुछ रैंक सुधार हुआ है। हम हर घर से कचरे को उठाने के प्रबंध कर रहे हैं। इतना ही नहीं शहर में 150 नए आरसी बिन लगाए गए हैं। हरेक कूड़ेदान की नंबरिंग भी की गई है ताकि कहीं भी कूड़ादान भरे होने की शिकायत मिले तो फौरन उस नंबर के कूड़ेदान को उठाया जा सके।

वाहनों के फेरे कम और पेट्रोल बिल ज्यादा लेने के आरोप लगते रहे हैं?

हमने करीब 150 वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा दिया है। अब किसी भी वाहन से तेल चोरी नहीं हो सकती। वाहन कितना चला, कहां खड़ा है, सब जानकारी मिल जाती है। काफी खर्च बचा है। मैंने प्रभारी संभालते ही इस काम को पूरा किया। अब पहले जैसे तेल खर्च नहीं हो रहे।

नाला गैंग की क्या स्थिति है, क्यों गहरी नालियां साफ नहीं होतीं?

हरेक वार्ड में 8 नाला गैंग कर्मियों को लगाया गया है। यह कर्मी स्थानीय कॉरपोरेटर को दिए गए हैं। वो वार्ड में प्राथमिकता के आधार पर इनसे काम करवा रहे हैं। बरसात के दिनों में अतिरिक्त नाला गैंग लगाया जाता है। कुल 128 नाला गैंग कर्मी कॉरपोरेटरों को दिए गए हैं।

नालियों पर जंगले लगाए जा रहे हैं, लोग कैसे इसके लिए संपर्क करें?

हम हर कॉरपोरेटर को 8 से 10 ग्रेटिंग यानि नालियों पर डाले जाने वाले जंगले देते हैं। वह लोगों की जरूरत व प्राथमिकता के आधार पर इन्हें मुहल्लों में लगवाते हैं। मुहल्ले में कहीं छोटी गलियां हैं तो वहां ज्यादा जरूरत महसूस होती है।

कई स्थानों पर मरे मवेशी दिखते हैं, लोग क्या करें?

इसके लिए मैंने एक स्कवॉड तैयार किया है जो कहीं भी मृत मिले कुत्ते, गाय या अन्य मवेशी को उठाने के लिए तैनात रहता है। शहर में कहीं भी मृत मवेशी दिखे तो लोग मेरे फोन नंबर 9419197428 पर संपर्क करें। फौरन स्कवाड भेजा जाएगा। इन मवेशियों को अलग से दफनाया जाता है।

शहर के कचरे को कहां, कैसे ठिकाने लगाते हैं?

डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए आटो लगाए गए हैं। यह आटो कचरा लेकर शहर में बनाए गए 160 सेकेंडरी प्वाइंट तक लाते हैं। वहां से टिप्परों के जरिए यह कचरा कोट भलवाल डंपिंग साइट पर लाया जाता है। निगम के पास 174 वाहनों की फ्लीट है। यहां कचरे को दबाया जाता है।

ट्रांसपोर्ट सेक्शन में तेल के घपले के आरोप कितने सही हैं?

जब से मैंने प्रभार संभाला है। हमने सारे वाहनों में जीपीएस लगा दिए हैं। अब तेल की चोरी नहीं हो सकती। खर्च भी पहले से कई गुणा कम हुआ है। इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। बीते सालों में क्या हुआ, मैं कुछ कह नहीं सकता।

स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर निगम की तैयारी क्या है?

निगम के विभिन्न विंग हैं। हमारा विंग कचरा उठाने, नालों को साफ करने का काम करता है। इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। कहीं भी कचरा इकट्ठा नहीं रहना चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश हैं। हमारी गाड़ियां जगह-जगह पहुंचती हैं। और अच्छा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोग भी सहयोग करें। 

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