Jammu Farmers: खरीफ सीजन की खेती की जानकारी के लिए केवीके ने शुरू की डिजिटल सेवा

सीनियर वैज्ञानिक पुनीत चौधरी का कहना है कि धान की रोपाई का सीजन नजदीक आ गया है।

Jammu Farmers फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन के तहत कृषि विज्ञान केंद्र जम्मू इस खरीफ सीजन के लिए किसानों को मुफ्ती बीज भी मुहैया कराएगा। एक हजार कनाल क्षेत्र में यह खेती किसान केवीके के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में कर सकेंगे।

Rahul SharmaSat, 15 May 2021 11:09 AM (IST)

जम्मू, जागरण संवाददाता: कोरोना के इस दौर में किसानों की राह और आसान बनाने के लिए स्कास्ट के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) जम्मू ने डिजिटल सेवा शुरू की है। खरीफ सीजन में लगने वाले बीज, खेती करने की संपूर्ण जानकारी केवीके के वैज्ञानिक आन लाइन माध्यम से किसानों को मुहैया कराएंगे।

संकट के इन दिनों में कृषि विज्ञान केंद्र नही पहुंच पाने वाले किसानों को अब एसएमएस,व्हाटसेप,ई मेल, फोन के जरिए खेती की सारी जानकारी व सलाह प्राप्त होगी। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र जम्मू अधिक से अधिक किसानों को अपने साथ जोड़ने में लगा हुआ है। कोरोना के दौर चाहे कितना भी घना हो, किसानों को अपनी खेती के कामकाज को तो आगे बढ़ाना ही है। इसलिए किसानों के लिए डिजिटल सेवा आरंभ की गई है। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की टीम हर पल किसानों के सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहेंगे। इसके लिए एक अलग से सेल का गठन किया गया है।

कृषि विज्ञान केंद्र के हेड व सीनियर वैज्ञानिक पुनीत चौधरी का कहना है कि धान की रोपाई का सीजन नजदीक आ गया है। ऐसे में किसान को शीघ्र ही रोपाई के काम में जुटना है और उसे हर पल तकनीकी जानकारी की जरूरत है। इसलिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों के हर समस्या का समाधान के लिए तैयार बैठे हैं। किसान हमसे फोन पर संपर्क करें, उनकी तकनीकी तौर पर सहायता की जाएगी, वहीं समस्याओं का भी निवारण कराया जाएगा।

किसानों को देगा मुफ्त बीज: फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन के तहत कृषि विज्ञान केंद्र जम्मू इस खरीफ सीजन के लिए किसानों को मुफ्ती बीज भी मुहैया कराएगा। एक हजार कनाल क्षेत्र में यह खेती किसान केवीके के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में कर सकेंगे। इसके लिए केवीके ने बासमती धान, हाईब्रीड मक्का, दाल, तिलहन के लिए तकरीबन साढ़े छह क्विंटल बीज की व्यवस्था की है। इच्छुक किसानों को बीज देकर खेती करने के लिए कहा जाएगा। यह खेती इसलिए ताकि दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सके। फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन के तहत खेती पर वैज्ञानिक की पूरी नजर रहेगी। योजना के तहत अपनी खेती करने के इच्छुक किसानों से कहा गया है कि वह केवीके जम्मू से संपर्क करें। 

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