Jammu Kashmir: स्कूलों के पाठ्यक्रम को एनसीईआरटी की तर्ज पर अपडेट 31 अगस्त तक करें

Jammu Kashmir Education Department विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देना चाहिए हर स्कूल में कम से कम 2 अध्यापक जरूरत अनुसार होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम एनसीईआरटी की तर्ज पर 31 अगस्त तक अपडेट किया जाए।

Rahul SharmaWed, 09 Jun 2021 07:41 AM (IST)
पारदर्शिता लाने के लिए ऑटोमेटिक ट्रांसफर नीति में शिफ्ट होना चाहिए।

जम्मू,राज्य ब्यूरो: जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अरुण मेहता ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि एनसीईआरटी की तर्ज पर स्कूलों का पाठ्यक्रम 31 अगस्त तक अपडेट किया जाए। यह शिक्षा नीति का हिस्सा है।

शिक्षा में गुणवत्ता लाए जाने पर जोर देते हुए उन्होंने उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। मिड डे मील योजना की स्टेरिंग एवं मॉनिटरिंग कमेटी की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सरकारी स्कूलों में पंजीकरण और ड्रॉपआउट दर पर की समीक्षा भी की।

उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि वे ड्रॉपआउट के कारणों का पता लगाएं और इससे काम करने के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने लिंग अनुपात समानता सुनिश्चित बनाने ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अध्यापकों के मुकाबले बच्चों के पढ़ाने की दर का समायोजन किया जाए।

विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देना चाहिए हर स्कूल में कम से कम 2 अध्यापक जरूरत अनुसार होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम एनसीईआरटी की तर्ज पर 31 अगस्त तक अपडेट किया जाए। विभाग से कहा कि अध्यापकों के प्रदर्शन पर मापदंड एक महीने के अंदर तैयार होने चाहिए और पारदर्शिता लाने के लिए ऑटोमेटिक ट्रांसफर नीति में शिफ्ट होना चाहिए।

उन्होंने मिड डे मील योजना समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की और इसके लिए खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग के साथ तालमेल कायम करने पर जोर दिया। बैठक में स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग जम्मू और कश्मीर के निदेशक व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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