Illegal Mining In Jammu Issue: भाजपा की अनुशासन कमेटी ने रविन्द्र रैना को सौंपी रिपोर्ट

वह इसी सप्ताह इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।

Illegal Mining in Jammu अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष व भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने कमेटी के अन्य सदस्यों स विरेन्द्रजीत सिंह व एनडी रजवाल से विचार विमर्श करने के बाद अपनी रिपोर्ट फाईनल कर इसे आगे की कार्रवाई के लिए रविन्द्र रैना को सौंप दिया।

Rahul SharmaWed, 12 May 2021 07:54 AM (IST)

जम्मू, राज्य ब्यूरो: प्रदेश भाजपा सचिव विक्रम रंधावा के प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा जितेन्द्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आराेप लगाने, अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के मामले में कार्रवाई कर रही भाजपा की अनुशासन समिति ने प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र रैना को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष व भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने कमेटी के अन्य सदस्यों स विरेन्द्रजीत सिंह व एनडी रजवाल से विचार विमर्श करने के बाद अपनी रिपोर्ट फाईनल कर इसे आगे की कार्रवाई के लिए रविन्द्र रैना को सौंप दिया। अब रविन्द्र रैना तय करेंगे कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करनी है। रविन्द्र रैना ने रिपोर्ट उन्हें सौंपे जाने की पुष्ट करते हुए कहा कि इस पर गौर करने के बाद वह इसी सप्ताह इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।

वहीं पार्टी सूत्रों के अनुसार अनुशासन समिति ने रंधावा के अभद्र भाषा के इस्तेमाल करने पर कड़ा रवैया अपनाया है। ऐसे में उन पर पार्टी की कड़ी नजर रहेगी। उन्हें भविष्य में ऐसी बयानबाजी न करने के साथ उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मंजूरी लिए बिना बयानबाजी न करने के लिए कहा है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि रविन्द्र रैना इस मामले में कार्रवाई करने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा जितेन्द्र सिंह से भी बात करेंगे। विपक्षी दल इस मामले को तूल दे रहे हैं, ऐसे हालात में पार्टी मसला सुलझाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। ऐसे हालात में रैना अंतिम फैसला पार्टी के अन्य कुछ वरिष्ठ नेताओं से विचार करने के बाद ही लेंगे। रैना ने गत दिनों अनुशासन समिति के सामने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होकर अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर खेद जताया था।

रंंधावा ने कुछ दिन पहले जम्मू कश्मीर में खनन माफी के सक्रिय होने का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा जितेन्द्र सिंह पर भ्रष्टाचार को शह देने का आरोप लगाते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इस पर डा जितेन्द्र सिंह ने गहरा एतराज जताया था तो वहीं पार्टी ने भी गंभीरता दिखाते हुए रंधावा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी थी। ऐसे हालात में डा जितेन्द्र सिंह ने इस मामले में दिल्ली कोर्ट में अपने वकीलों के जरिए रंधावा के खिलाफ एक करोड़ रूपये का मानहानि का मामला भी दायर कर दिया था।

 

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