Jammu Kashmir : बरसों से एक पद या स्थान पर डटे कर्मियों के होंगे तबादले, सरकार ने ब्योरा मांगा

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी इस संदर्भ में प्रदेश प्रशासन को अधिकारिक तौर पर सूचित कर स्थानांतरण नीति को पूरी तरह प्रभावी बनाने और बरसों से एक ही जगह बैठे अधिकारियों व कर्मियों के तबादले करने या फिर उनकी विभागीय जिम्मेदारियों में बदलाव के लिए कहा है।

Rahul SharmaSat, 25 Sep 2021 08:06 AM (IST)
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्रशासन को इस संदर्भ में एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो  : एक ही पद या एक ही स्थान पर बरसों से डटे अधिकारियों और कर्मचारियों के दिन अब लदने वाले हैं। जल्द ही इन सभी को मौजूदा स्थान से हटाते हुए अन्यत्र किसी उपयुक्त स्थान पर योग्यता अनुसार नियुक्त किया जाएगा। सिर्फ यही नहीं, इन लोगों का समयानुसार तबादला क्यों नहीं हुआ और अगर हुआ है तो किन परिस्थितियों में तबादला रोका गया, इन सभी तथ्यों की भी जांच होगी।

प्रदेश प्रशासन ने सभी प्रशासनिक सचिवों को अपने-अपने अधीनस्थ विभाग मेें उन सभी अधिकारियों व कर्मियों का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है, जो पांच साल या उससे भी ज्यादा समय से एक ही जगह पर हैं।

प्रदेश प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों का बरसों से तबादला ही नहीं हुआ है। यह जम्मू कश्मीर सिविल सर्विसीज नियमों के खिलाफ है। सिर्फ कुछ एक विशेष परिस्थितियों में ही किसी अधिकारी का तबादला नहीं किया जा सकता और इसके लिए भी एक निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी विभिन्न सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच में पाया कि जहां कुछ एक विशेष अधिकारी या कर्मी बरसों से बैठे हुए हैं, वहां पर अनियमितताएं ज्यादा होती हैं। इनमें राजस्व, बिजली, शिक्षा, ग्रामीण विकास, जल शक्ति, स्वास्थ्य व लोकनिर्माण विभाग के नाम उल्लेखनीय हैं।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी इस संदर्भ में प्रदेश प्रशासन को अधिकारिक तौर पर सूचित कर स्थानांतरण नीति को पूरी तरह प्रभावी बनाने और बरसों से एक ही जगह बैठे अधिकारियों व कर्मियों के तबादले करने या फिर उनकी विभागीय जिम्मेदारियों में बदलाव के लिए कहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्रशासन को इस संदर्भ में एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।

जम्मू-कश्मीर महाप्रशासनिक विभाग ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पत्र का संज्ञान लेते हुए हुए सभी प्रशासनिक सचिवों और समर्थ प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी स्थानांतरण नीति के विरुद्ध किसी जगह विशेष या पद पर निर्धारित समयावधि से ज्यादा नहीं रहना चाहिए। सिर्फ विशेष परिस्थितियों में और वह भी निर्धारित नियमों के आधार पर किसी को छूट दी जा सकती है।

अधिकारियों व कर्मियों की संपत्ति के ब्योरे की जांच के भी निर्देश : महाप्रशासनिक विभाग ने ऐसे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची भी जल्द तैयार करने और उनके कामकाज में फेरबदल करने या उन्हेें स्थानांतरित करने के लिए कहा है, जो लंबे समय से एक ही जगह विशेष या कार्यालय मेें काम कर रहे हैं। इसके अलावा सभी प्रशासनिक सचिवों को इस संदर्भ में की गई कार्यवाही की रिपोर्ट भी जमा कराने को कहा गया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने इन सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के सर्विस रिकार्ड और उनके द्वारा जमा कराए गए अपने संपत्ति के ब्योरे की जांच के लिए भी कहा है। 

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