Jammu Kashmir: दो सरकारी अध्यापिकाओं को किया सेवा मुक्त, नौ वर्ष से कार्यस्थल से थी अनुपस्थित

इससे पूर्व 21 नवंबर को प्रदेश सरकार ने चार अध्यापकों की सेवाएं समाप्त की थी। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आज दो अध्यापकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर सीविल सर्विस रूल्स1956 के तहत की गई है।

Vikas AbrolTue, 23 Nov 2021 07:01 PM (IST)
केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को दो सरकारी अध्यापिकाओं को सेवामुक्त कर दिया।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को दो सरकारी अध्यापिकाओं को सेवामुक्त कर दिया। यह दोनों ही लगभग नौ वर्ष से अपने कार्यस्थल अनुपस्थित थी। इसके साथ पांच साल से ज्यादा समय तक अनुपस्थित रहने के आधार पर सेवामुक्त किए जाने वाले अध्यापकों की तादाद भी छह हो गई है।

इससे पूर्व 21 नवंबर को प्रदेश सरकार ने चार अध्यापकों की सेवाएं समाप्त की थी। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आज दो अध्यापकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर सीविल सर्विस रूल्स,1956 के तहत की गई है। यह दोनों अध्यापिकाएं पांच साल से भी ज्यादा समय से अपने सेवास्थल से बिना अनुमति अनुपस्थित थी। इनमें से एक का नाम जमीला अख्तर है और वह दक्षिण कश्मीर के सिंगपोरा,अनंतनाग स्थित ब्वायज हायर सैकेंडरी स्कूल मेे तैनात थी। वह नौ सितंबर 2014 से गैर हाजिर थी।

सेवामुक्त की गई दूसरी अध्यापिका का नाम निगहत हुसैन है और वह सौरा श्रीनगर स्थित ब्वायल मिडल स्कूल में तैनात थी। वह पहली सितंबर 2012 से गैर हाजिर थी। उन्होंने बताया कि इन दोनों अध्यापिकों को कई बार अपने सेवास्थल पर हाजिर होने के लिए सूचित किया गया। उन्हें बार बार बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर कारण बताने व स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया गया है। इसके बावजूद उन्होंने अपने कार्यस्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई और न संबधित प्रशासन को अपनी अनुपस्थिति के संदर्भ में कोई उत्तर दिया। सभी संबधित नियमों का संज्ञान लेने के बाद ही प्रदेश सरकार ने आज इन दोनों को सेवामुक्त कर दिया है। 

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